जयपुर-रींगस ब्राॅडगेज / डेडलाइन से पहले पूरा हुआ प्रोजेक्ट मगर बोर्ड ने मंजूरी नहीं दी, सितंबर से पहले नहीं चलेगी ट्रेन



जयपुर-रींगस ब्रॉडगेज का काम हो चुका, मगर ढेहर का बालाजी स्टेशन से अभी ट्रेन नहीं चली। जयपुर-रींगस ब्रॉडगेज का काम हो चुका, मगर ढेहर का बालाजी स्टेशन से अभी ट्रेन नहीं चली।
X
जयपुर-रींगस ब्रॉडगेज का काम हो चुका, मगर ढेहर का बालाजी स्टेशन से अभी ट्रेन नहीं चली।जयपुर-रींगस ब्रॉडगेज का काम हो चुका, मगर ढेहर का बालाजी स्टेशन से अभी ट्रेन नहीं चली।

  • तीन दिन बाद खत्म हो जाएगी सीआरएस निरीक्षण की वैधता, दोबारा लेनी होगी मंजूरी

Dainik Bhaskar

Jul 22, 2019, 08:07 AM IST

जयपुर. रेलवे द्वारा नवंबर 2016 में आमान परिवर्तन (छोटी से बड़ी लाइन) के लिए बंद किए गए जयपुर-रींगस रेलमार्ग (57 किलोमीटर) पर मई में ट्रेनों का संचालन शुरू करना था। अप्रैल में इस मार्ग पर हुए वेस्टर्न सर्किल के रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के निरीक्षण में इस ट्रैक पर ट्रेन संचालन को 23 अप्रैल को ही मंजूरी मिल गई थी। निरीक्षण के तीन माह में ट्रेन चलानी होती है, नहीं चलाई। अब फिर अनुमति लेनी होगी या तीन दिन में ट्रेन चलानी होगी।

 

15 अगस्त से जयपुर यार्ड रिमॉडलिंग का काम शुरू हो जाएगा, जो एक महीने में पूरा हो पाएगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा यार्ड रिमॉडलिंग होने के बाद ही इस सेक्शन में जयपुर से ट्रेन चलाने के निर्देश दिए हैं। यानी अब इस ट्रैक पर सितंबर से पहले ट्रेन नहीं चलेगी। खास बात यह कि उत्तर-पश्चिम रेलवे का पहला प्रोजेक्ट है जो डेडलाइन से दो माह पहले पूरा हो गया, मगर ट्रेन नहीं चली।


सीआरएस द्वारा 23-24 अप्रैल को इस रुट पर ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी गई। क्योंकि रेलवे नियमानुसार सीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद 90 दिन के भीतर ट्रेन चलाना अनिवार्य होता है। ऐसे में अगर 23-24 जुलाई तक रेलवे इस रुट पर ट्रेन नहीं चलाता है, तो एक तरफ जहां सीआरएस निरीक्षण की वैधता खत्म हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ रेलवे को इस रुट पर ट्रेन चलाने के लिए दोबारा सीआरएस की मंजूरी लेनी पड़ेगी।

 

5000 यात्री प्रभावित, रेलवे को भी लाखों का नुकसान
रूट पर ट्रेन शुरू होने से शेखावाटी के लोगों को तीन साल से हो रही परेशानी से निजात मिलेगी। शेखावाटी से पांच हजार लोग जयपुर रोजाना आते हैं। ट्रेन के शुरु होने से इन्हें फिर से राहत मिल सकेगी। क्योंकि ट्रैक बंद होने से पहले इस रुट पर रोजाना तीन-चार ट्रेनों का संचालन होता था। जिसमें अधिकांश दैनिक यात्री सफर करते थे। वहीं रेलवे को ट्रेन शुरु नहीं होने से रोजाना 1.75 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना