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जयपुर. एनसीएलएटी (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल) नई दिल्ली ने जयमहल होटल्स के शेयर्स विवाद मामले में एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के एक अगस्त 2018 के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें ट्रिब्यूनल ने पूर्व राजमाता गायत्री देवी के पोते-पोतियों देवराज व लालित्या के पक्ष में फैसला देते हुए होटल में उनके 99 प्रतिशत शेयर्स की होल्डिंग मानी थी। वहीं ट्रिब्यूनल ने उस आदेश को भी रद्द किया है, जिसमें कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य पृथ्वीराज सिंह, विजित सिंह व मीनाक्षी सिंह पर दस लाख रुपए का हर्जाना लगाया था। एनसीएलएटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पूर्व राजमाता गायत्री देवी में ही जगत सिंह की 23 जून 1996 को की गई वसीयत समाहित है। एनसीएलएटी ने यह आदेश जयमहल होटल्स, राजकुमार विजित सिंंह व रामबाग पैलेस होटल्स की अपीलों को निस्तारित करते हुए दिया।
देवराज व लालित्या ने एनसीएलटी में याचिका लगाई थी
जयमहल होटल्स, राजकुमार विजित सिंंह व रामबाग पैलेस होटल्स की ओर से एनसीएलएटी में दायर अपीलों अपीलों में कहा गया था कि जयमहल होटल में देवराज-लालित्या के 50-50 शेेयर्स ही थे जिन्हें वे पूर्व में दे चुके हैं। एनसीएलएटी ने माना कि पूर्व राजमाता गायत्री देवी ने जगत सिंह के शेयर्स के संबंध में देवराज व लालित्या के साथ में समझौता किया था। गौरतलब है कि देवराज व लालित्या ने एनसीएलटी में कंपनी पीटिशन दायर कर कहा था कि उनके पिता की जयमहल पैलेस होटल्स कंपनी में 1997 के दौरान 50-50 इक्विटी शेयर्स की होल्डिंग थी। लेकिन कंपनी ने गलत तरीके से कैपिटल को बढ़ाया और अन्य सदस्यों को अतिरिक्त शेयर्स का आवंटन कर दिया व अतिरिक्ति निदेशकों की भी नियुक्ति कर दी। ऐसे में उनकी जयमहल होटल्स कंपनी में 99% की शेयर्स होल्डिंग थी, इसे कंपनी ने घटा दिया है। इसलिए उनके पक्ष में कंपनी के शेयर्स की पुरानी स्थिति को ही बहाल किया जाए। एनसीएलटी ने देवराज-लालित्या को जयमहल होटल्स में 99% शेयर्स होल्डिंग का हकदार माना था।
दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व राजपरिवार की संपत्तियों पर विवाद अभी लंबित
पूर्व राजपरिवार से जुड़ी हफ संपत्तियों में ऑफिसर इंचार्ज ऑफ रिसीवर प्रोपर्टी एडवोकेट राजेश कर्नल का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट में भी कई संपत्तियों पर विवाद के मुकदमे लंबित हैं। इनमें जयपुर हाउस- दिल्ली, जयपुर हाउस- माउंट आबू, विमान भवन के बाहर की जमीन- सवाई माधोपुर, राजमहल पैलेस के बाहर की ओपन लैंड, रामबाग स्टाफ क्वार्टर, रामबाग पैलेस के सामने का बंगला, हाउस ऑफ गैराज-बंगला नंबर 37 (लक्ष्मीविलास होटल) बंगला नंबर-37, रामबाग कंपाउंड (इसमें हवेली, नर्सरी क्वार्टर, अस्तबल, पोलो पैवेलियन ) तख्तेशाही रोड पर मोती डूंगरी का हिल एरिया आदि शामिल हैं।
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