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गोविंद के दरबार में हुआ कृष्ण-रुकमणी विवाह

गोविंद के दरबार में हुआ कृष्ण-रुकमणी विवाह जयपुर | गोविंद देव मंदिर के प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:06 AM IST
गोविंद के दरबार में हुआ कृष्ण-रुकमणी विवाह

जयपुर |
गोविंद देव मंदिर के प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन मंगलवार को गोविंद के दरबार में महारास व रुकमणी विवाह का आयोजन किया गया। इसमें गोपी के स्वरूप में अपने अराध्य भगवान कृष्ण के साथ महारास किया। मधुर भजन की ध्वनि पर भक्तों ने गरबा नृत्य कर गोविंद को रिझाया। इस मौके पर भगवान कृष्ण की बारात आई। तोरण के बाद रुकमणी के विवाह में भक्तों ने कन्यादान कर पुण्य कमाया। कथा वाचक स्वामी प्रज्ञानानंद ने कहा कि जहां अभिमान का वास हो जाता है, वहां भगवान निवास नहीं करते हैं। ज्ञान मार्ग में जहां साधक का परम लक्ष्य सिद्धि है, वहीं भक्ति मार्ग में प्रेम की पराकाष्ठा ही सर्वोच्च है। भागवत की कथा तमाम सांसारिक तापों से मुक्ति दिलाती है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सत्यनारायण गुप्ता, हाथोज के बालमुकुंदाचार्य, करौली के गोवर्धनदास महाराज, आयोजक शरद खंडेलवाल व पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त रुकमणी विवाह के साक्षी बने।