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बेटियों और अभिभावकों के मन को भाया क्रिएटिव महाविद्यालय

अस्थायी प्रवेश के लिए मची होड़ नगर संवाददाता | गंगापुर सिटी शिक्षा के क्षितिज पर ध्रुव बनकर चमकने को तत्पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:40 AM IST

अस्थायी प्रवेश के लिए मची होड़

नगर संवाददाता | गंगापुर सिटी

शिक्षा के क्षितिज पर ध्रुव बनकर चमकने को तत्पर क्रिएटिव कन्या महाविद्यालय के शुरू होने के बाद अब महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाली बेटियों और अभिभावकों के आने का सिलसिला लगातार जारी है।

सैंकड़ों बेटियां अपने अभिभावकों के साथ महाविद्यालय में आकर न केवल महाविद्यालय का भ्रमण कर रही है बल्कि अस्थायी प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले रही है। महाविद्यालय के विजन और बेटियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में क्रिएटिव के इस कदम की अभिभावकों ने प्रशंसा क रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे अभिभावकों का कहना है कि उन्हें खुशी है कि अब ग्रामीण क्षेत्र से निकलने वाली प्रतिभाशाली बालिकाओं को ऐसा महाविद्यालय मिल रहा है जिसमें केरियर संवारने के साथ सुविधाएं दी जा रही है।

केंद्रीय विद्यालय की छात्रा आरोही ने कहा कि उन्होंने काउंसलिंग से लेकर प्रवेश तक कि जो भी प्रक्रिया यहां देखी वे उन्हें अच्छी लगी। उन्हें ऐसा लगा की यहां अध्ययन करना अपने हर सपने को सच करने जैसा है। पढ़ाई के लिए हमेशा शांत और खुशनुमा माहौल होना चाहिए जिसका यहां प्रवेश लेने के दौरान ही एहसास हो जाता है। अलवर से आये अभिभावक भावेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें जयपुर जैसी सुविधा क्रिएटिव महाविद्यालय में मिल रही है तो वे अपनी बेटा को बाहर क्यों भेजे। वे इस महाविद्यालय की सुविधाओं से संतुष्ट है और उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे कोई विदेश की युनिवर्सिटी है। उन्होंने क्रिएटिव टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह महाविद्यालय क्षेत्र का पहला ऐसा महाविद्यालय है जिसमें हिंदी व अंग्रेजी दोनों ही माध्यमों से अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की अलग से तैयारी करवाई जाएगी।

महाविद्यालय में कला वर्ग के तहत इतिहास, अर्थशास्त्र, भूगोल, राज.विज्ञान, लोक-प्रशासन, समाज़शास्त्र, अंग्रेजी साहित्य, गृहविज्ञान, मनोविज्ञान, हिंदी साहित्य और संस्कृत विषय है। साथ ही विज्ञान वर्ग में वनस्पति विज्ञान, रसायन शास्त्र, गणित, जीवविज्ञान और भौतिकशास्त्र भी खुले है। वाणिज्य में बेटियों के लिए एबीएसटी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और ईएएफएम आदि विषय है। प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रमुख और महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.मनोज शर्मा ने बताया कि वे शुरू से ही बालिकाओं को सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएंगे ताकि शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्हें तैयारी में समय खराब ना करना पड़े और 3 साल की तैयारी के बाद वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को फाइट कर सफलता प्राप्त कर सके और यहीं संस्थान का लक्ष्य भी है। इसके लिए श्रेष्ठ अध्यापकों की टीम ने काम भी शुरू कर दिया है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु पारीक ने कहा कि वे अब तक जितने भी अभिभावकों और बालिकाओं से मिली है, उनकी सकरात्मक ऊर्जा और सोच ने उन्हें काफी प्रभावित किया है। उन्हें खुशी है कि वे जयपुर जैसे बड़े महानगर में मिलने वाली सुविधाएं और उससे अच्छा माहौल क्रिएटिव महाविद्यालय में बेटियों को मिलेगा। उनका प्रयास है कि परम्परागत कोर्सेज के अलावा जनर्लिज्म, फैशन डिजाइनर जैसे अलग और आधुनिक कोर्स भी उक्त महाविद्यालय में जल्द शुरू हो।

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