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लापरवाही मान ईओ को नोटिस, समिति का रिकॉर्ड खारिज किया

गोल्यावास की 104 बीघा जमीन पर अवैध निर्माण तोड़ने की चौथी बार फेल हुई कार्रवाई के बाद जेडीए अपने दामन को साफ बताने और...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:45 AM IST
गोल्यावास की 104 बीघा जमीन पर अवैध निर्माण तोड़ने की चौथी बार फेल हुई कार्रवाई के बाद जेडीए अपने दामन को साफ बताने और बेशकीमती जमीन पर कब्जा लेने के लिए घेराबंदी कर रहा है। इस दिशा में जेडीए ने 4 बड़े फैसले लेकर आदेश भी जारी किए हैं। जिस स्टे के चलते तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकनी पड़ी, उसके लिए बतौर ओआईसी (प्रभारी अधिकारी) प्रवर्तन अधिकारी रघुवीर सिंह भाटी को लापरवाही का जिम्मेदार मान कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यही नहीं केस का प्रभारी अधिकारी उनकी जगह जोन उपायुक्त को बनाया है। जिन्हें साफ तौर पर निर्देश हैं कि कोर्ट में स्टे का जवाब पेश करते हुए 2 दिन में जल्दी सुनवाई का प्रार्थना पत्र लगाएं। उधर एक ओर निर्णय लेते हुए जेडीए ने मौके पर कैंप के लिए गत वर्ष जो रिकॉर्ड जमा किया था, उसे सूची से हटा दिया है। यह रिकॉर्ड अमृतपुरी भवन निर्माण सहकारी समिति की योजना गणपति नगर विस्तार के लिए था।

आदेश में कहा गया है कि उक्त रिकॉर्ड विकास समिति के लिए निर्धारित आवश्यक मापदंडों की पूर्ति नहीं करता। बताया जा रहा है कि पूरे मामले में कुछ राजनैतिक दबाव भी थे, लेकिन अब खुद का दामन साफ करने में लगे जेडीए के फ्रंटफुट पर आने के बाद वो सब बैकफुट पर हैं। अभी तक निचले स्तर पर फाइलें घूम रही थीं, लेकिन अब जेडीए कमिश्नर वैभव गालरिया ने पूरी कमान ले ली है।


जेडीए दामन साफ करने की तैयारी में जुटा तो अवैध निर्माण और कैंप की सिफारिशें जमींदोज

अधूरी तैयारी से जो साइनेज मौके पर लगने थे वो स्टोर में पहुंचाए

पुलिस कमिश्नरेट की मदद से जेडीए भारी पुलिस जाप्ते के साथ रविवार को मौके पर हुए अवैध निर्माण को तोड़कर खुद की संपत्ति के बोर्ड लगाता। इसके लिए 20 साइनेज भी ले गए थे। हालांकि स्टे की अधूरी जानकारी के चलते, जो भारी लापरवाही हुई, उससे अब ये साइनेज स्टोर में रखे गए हैं। ईओ को जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना कार्रवाई लौटने से जेडीए की छवि को आघात पहुंचा है, वहीं भारी मशीनरी व साधनों का अपव्यय हुआ सो अलग।