• Hindi News
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • News
  • असीमानंद सहित 5 आरोपी बरी, फैसले के बाद जज का इस्तीफा
--Advertisement--

असीमानंद सहित 5 आरोपी बरी, फैसले के बाद जज का इस्तीफा

News - हैदराबाद | स्वामी असीमानंद सहित मक्का मस्जिद ब्लास्ट के 5 आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को बरी कर...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:50 AM IST
असीमानंद सहित 5 आरोपी बरी, फैसले के बाद जज का इस्तीफा
हैदराबाद | स्वामी असीमानंद सहित मक्का मस्जिद ब्लास्ट के 5 आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एनआईए एक भी आरोप साबित नहीं कर पाई। फैसले के कुछ घंटे बाद स्पेशल जज रवींद्र रेड्‌डी ने इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे निजी कारण बताए। एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी ने कहा- इस्तीफे का फैसले से लेना-देना नहीं है। लेकिन इसकी टाइमिंग पर विवाद शुरू हो गया। शेष | पेज 8





मस्जिद में 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के वक्त हुए ब्लास्ट में नौ लोग मारे गए थे।



58 लोग घायल हुए थे। ब्लास्ट के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की गोली से पांच और लोग मारे गए थे। कोर्ट के फैसले के मद्देनजर सोमवार को हैदराबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। अप्रिय घटना रोकने के लिए तीन हजार जवान तैनात थे।

ब्लास्ट की शुरुआती जांच हैदराबाद पुलिस ने की थी। उसके बाद सीबीआई को जांच सौंप दी गई थी। 2011 में एनआईए ने यह केस संभाला। इस केस में सीबीआई ने एक चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि एनआईए ने दो सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल की थीं। पांचाें आरोपियों के बरी होने पर एनआईए ने कहा कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद अगले कदम पर फैसला लिया जाएगा।

कांग्रेस ने कहा- जांच पक्षपाती, भाजपा बोली- माफी मांगें सोनिया-राहुल

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि पी चिदंबरम और सुशील शिंदे जैसे नेताओं ने भगवा आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल कर हिंदुओं का अपमान किया था। इसके लिए सोनिया और राहुल गांधी माफी मांगें। कांग्रेस ने एनआईए की जांच को पक्षपाती बताया। पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सभी जांच एजेंसी केंद्र सरकार की कठपुतली बन गई हैं।

कुल 10 आरोपी; पांच बरी हुए, एक की हत्या, दो अब तक फरार:

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में 10 आरोपी थे। मुकदमा सिर्फ पांच पर चला। मुकदमे के बाद वनवासी कल्याण आश्रम के प्रमुख स्वामी असीमानंद, बिहार के आरएसएस प्रचारक देवेंद्र गुप्ता, मध्यप्रदेश के आरएसएस कार्यकर्ता लाेकेश शर्मा के अलावा भरत मोहनलाल रातेश्वर उर्फ भरत भाई और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया गया। एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई। दो आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कालसंगरा अभी फरार हैं। दाे आरोपियों के खिलाफ अभी जांच जारी है।

-----------------------------

असीमानंद ने बयान में कहा था- हिंदू धर्मस्थलों पर हमलों से गुस्से में थे, अदालत में मुकरा; यहीं से कमजोर हुआ एनआईए का केस:




-------------------------------------

गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी बोले- हिंदू आतंकवाद का एंगल नहीं था:

गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा, “मुझे इसी फैसले की उम्मीद थी। सारे सबूत मनगढ़ंत थे। इस केस में हिंदू आतंकवाद जैसा कोई एंगल नहीं था।’ उल्लेखनीय है कि मणि ने 2016 में दावा किया था कि यूपीए सरकार के दौरान उन पर दबाव डालकर इशरत जहां केस में दूसरा हलफनामा दाखिल करवाया गया था, जिसमें इशरत और साथियों के लश्कर से संबंधों की बात हटा दी गई थीं।



दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े आतंकवाद के मामले:





अजमेर दरगाह ब्लास्ट के बाद असीमानंद दूसरे केस में बरी

हिंदू आतंकवाद के नाम पर यूपीए सरकार के वक्त गिरफ्तार किए गए स्वामी असीमानंद को दूसरे मामले में राहत मिली है। 2007 के अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस में भी पिछले साल मार्च में जयपुर की अदालत ने उसे बरी कर दिया था। अभी 2007 के समझौता ब्लास्ट केस में वह आरोपी है।

जज पर भ्रष्टाचार का आरोप, धरना देने पर सस्पेंड हुए थे

एनआईए के जज रवींद्र रेड्‌डी इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चले गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह दो माह में रिटायर होने वाले थे। नियुक्ति के मामले में राजभवन के सामने धरना देने के लिए दो साल पहले उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। एक केस में नियमों के उलट जमानत देने को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई उनके खिलाफ जांच कर रही है।

X
असीमानंद सहित 5 आरोपी बरी, फैसले के बाद जज का इस्तीफा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..