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अब प्रोजेक्ट्स की साइज के अनुसार रेरा शुल्क

जयपुर। विभिन्न श्रेणी के आवासीय, कॉमर्शियल और मिक्स केटेगरी के प्रोजेक्ट्स का रिअल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट के तहत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:50 AM IST

जयपुर। विभिन्न श्रेणी के आवासीय, कॉमर्शियल और मिक्स केटेगरी के प्रोजेक्ट्स का रिअल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट के तहत लगने वाला शुल्क अब साइज के अनुसार कम ज्यादा होगा। पहले रेरा शुल्क की सभी कैटेगरी में ऊपरी सीमा फिक्स थी। इससे निकायों की आय प्रभावित हो रही थी, तथा छोटे प्रोजेक्ट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स एक समान ही शुल्क चुका रहे थे। अब ऐसा नहीं होगा। छोटे प्रोजेक्ट्स पर कम और बड़े पर साइज की गणना के अनुसार पूरा पंजीयन शुल्क देना होगा। रेरा अथॉरिटी पंजीयन नियम में संशोधन करने जा रही है। रेरा के नियमों में संशोधन वित्त विभाग की राय के बाद लागू किया जाएगा। पहले प्लॉटेड डवलपमेंट में सिंगल आवासीय भूखंडों के प्रोजेक्ट्स के लिए 5 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से रेरा पंजीयन शुल्क लगता था। लेकिन कितना ही बड़ा प्रोजेक्ट होने पर अधिकतम शुल्क सीमा 2 लाख रुपए थी। अब नए नियमों से यदि शुल्क 10 लाख बनेगा तो वह भी चुकाना पड़ेगा। इसी तरह ग्रुप हाउसिंग के प्रोजेक्ट्स में एक हजार वर्गमीटर तक 5 रुपए प्रति वर्गमीटर, एक हजार वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स पर 10 रुपए प्रति वर्गमीटर रेरा शुल्क था। लेकिन अधिकतम सीमा 5 लाख रुपए तय कर रखी थी। अब यह ऊपरी सीमा नहीं रहेगी। मिक्स्ड डवलपमेंट में रेजीडेंशियल व कॉमर्शियल मिक्स प्रोजेक्ट लाने की स्थिति में एक हजार वर्गमीटर तक 10 रुपए और बड़े पर 15 रुपए प्रति वर्गमीटर शुल्क देय था। इसकी ऊपरी सीमा भी 10 लाख रुपए तय कर रखी थी। केवल कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स में एक हजार वर्गमीटर तक 20 रुपए और बड़े पर 25 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से शुल्क तय था। लेकिन इसकी भी पंजीयन शुल्क की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपए तय थी। अब ऐसे प्रोजेक्ट्स की साइज के अनुसार पंजीयन शुल्क अधिक बनने पर वह पूरा देने पर ही रेरा में रजिस्ट्रेशन होगा।

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