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लापरवाही का करंट... हर रोज 3 बिजली हादसे, चार साल में ही दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत

एक ओर हर गांव और घर तक बिजली पहुंचाने की बात हो रही है, लेकिन हमारा बिजली सप्लाई का तंत्र ऐसा लापरवाह है कि वह हर साल...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:05 AM IST
एक ओर हर गांव और घर तक बिजली पहुंचाने की बात हो रही है, लेकिन हमारा बिजली सप्लाई का तंत्र ऐसा लापरवाह है कि वह हर साल पांच सौ से ज्यादा लोगों को मौत का करंट दे रहा है। ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने, ट्रांसफाॅर्मर फटने, बिजली का तार टूटने जैसी तमाम बिजली दुर्घटनाएं हर रोज प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में हो रही हैं। बीते चार साल में ऐसे 3,715 बिजली हादसे हुए हैं और इनमें 2,158 लोग करंट से जान गंवा चुके हैं। इन हादसों में मरने वालों में 223 का आंकड़ा तो विद्युत वितरण निगमों के ही कर्मचारियों का ही है।

प्रदेश में हर रोज औसतन तीन बिजली हादसे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा बिजली हादसे गर्मियों और आंधी-बरसात के मौसम में होते हैं। हर बड़े हादसे के बाद जांच होती है, सिस्टम सुधारने की बात होती है, लेकिन बदलता कुछ नहीं। हाल ही जयपुर के हरमाड़ा इलाके में घर के आंगन में बैठी छात्रा पर 11 हजार केवी लाइन का तार गिरने की घटना के बाद भास्कर ने बिजली हादसों के आंकड़ों की पड़ताल की तो सामने आया कि अकेले जयपुर डिस्कॉम में ही बीते चार साल में 71 विद्युतकर्मियों समेत 831 लोगों की बिजली हादसों में मौत हुई है।

राज्य में तीन डिस्कॉम हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मौतें और हादसे अजमेर डिस्कॉम में हुए हैं। अजमेर डिस्कॉम में चार साल में 69 विद्युतकर्मियों और 889 आमजन की मौत हुई है। वहीं जोधपुर डिस्कॉम में 369 लोगों की मौत हुई। सबसे ज्यादा 83 विद्युतकर्मी जोधपुर में ही बिजली दुर्घटनाओं में मौत का शिकार हुए।

रियलिटी चैक

सरकार का सपना है कि हर घर तक बिजली का कनेक्शन पहुंचे, लेकिन हमारे सरकारी सिस्टम का एक कड़वा सच यह भी है... जो आपको जानना बेहद जरूरी है

ये हैं प्रदेश में मौत के शॉकिंग आंकड़े

जयपुर डिस्कॉम

1

बिजली हादसों को रोकने के लिए कई कदम उठा रहे है। अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग, फीडर इम्प्रूूवमेंट प्रोग्राम, पुरानी लाइनों को ठीक करवाना और हाईरेज पॉइंट्स को आइडेंटिफाई करके ठीक करवाना। बिजली लाइनों का नेटवर्क बढ़ा है आबादी भी बढ़ी है। हादसे नहीं बढ़ने चाहिए। -संजय मल्होत्रा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक , राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम

कर्मचारी

मृतक 71

घायल 137

आमजन

आमजन

मृतक 760

मृतक 760

घायल 280

घायल 280

जयपुर डिस्कॉम में हर साल बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

जयपुर डिस्कॉम के अंडर 12 जिले जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, कोटा, झालावाड़, सवाईमाधोपुर, बूंदी, बारांं , करौली, धौलपुर और टोंक आते हैं। जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में पिछले दो सालों में बिजली हादसों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

हादसे 1248

हादसे 1248

हादसे 1248

कुल

कुल

कुल

मुआवजा 26.12 करोड़

मुआवजा 26.12 करोड़

मुआवजा 26.12 करोड़