जयपुर

  • Hindi News
  • Rajasthan News
  • Jaipur News
  • News
  • पैसे की बर्बादी : अरण्य भवन से जवाहर नगर के बीच डेढ़ साल पहले बने फुटपाथ को 4 बार तोड़ा
--Advertisement--

पैसे की बर्बादी : अरण्य भवन से जवाहर नगर के बीच डेढ़ साल पहले बने फुटपाथ को 4 बार तोड़ा

एक ओर सड़कों के गड्ढे भरने में लापरवाही हो रही है तो दूसरी ओर गड्ढे खोदकर पैसे की बर्बादी। अरण्य भवन से जवाहर नगर को...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:16 AM IST
पैसे की बर्बादी : अरण्य भवन से जवाहर नगर के बीच डेढ़ साल पहले बने फुटपाथ को 4 बार तोड़ा
एक ओर सड़कों के गड्ढे भरने में लापरवाही हो रही है तो दूसरी ओर गड्ढे खोदकर पैसे की बर्बादी। अरण्य भवन से जवाहर नगर को जाने वाली रोड पर फरवरी 2017 में साढ़े तीन करोड़ की लागत से रोड रिनुवल और फुटपाथ का काम कराया गया था। तीन महीने बाद ही जेडीए की बिजली विंग ने फुटपाथ पर रोड लाइटें लगाई। इसके लिए फुटपाथ को तोड़कर फिर ठीक किया गया। गड्ढे भरे ही थे कि जुलाई-अगस्त 2017 में जेडीए ने फुटपाथ पर पौधे लगाने की प्लानिंग की। फुटपाथ फिर तोड़कर ठीक कराया गया। इसी दरम्यान वन विभाग ने एक साइड में दीवार का काम शुरू कराया, जिससे फुटपाथ को फिर नुकसान पहुंचा, पौधे नष्ट हुए। अब एक बार फिर मौके पर आरवीपीएनएल की ओर से बिजली की लाईन डाली जा रही है, जिसके लिए फुटपाथ टूट रहा है। इस काम में भी ढिलाई हो रही है, जिसको ठीक करने के लिए संबंधित एक्सईएन ने लिखा है। कुल मिलाकर डेढ़ साल में फुटपाथ बनने के बाद से चार बार डेमेज हुआ और फिर बना। जो कि सिस्टम की अदूरदर्शिता और नाकामी को दिखाता है, जिसके चलते पैसे की बर्बादी हो रही है।

हालात देखिए... फुटपाथ तोड़कर जो पौधे लगाए वो नष्ट, लाइटें बंद, दीवार अधूरी

डेढ़ साल में चार बार जिन कार्यों के लिए फुटपाथ तोड़ा गया, उनकी हालत भी खस्ताहाल है। करीब 600 पौधों में से आधे ही बचे हैं, क्योंकि पौधे लगाने के साथ उनकी सार-संभाल के लिए ट्री गार्ड की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ओटीएस चौराहे से जवाहर नगर की ओर किए गए प्लांटेशन पर जेडीए की उद्यान शाखा ने करीब 10 लाख के टेंडर किए थे। वहीं जो लाइटें लगाई गई उनमें से करीब 50 रोड लाइट बंद पड़ी है। वन विभाग ने दीवार का जो काम कराया, वह पूरा होने का नाम नहीं ले रहा। इसी दीवार के चलते प्लांटेशन को भी नुकसान पहुंचा।

जेडीए तो अपना काम एक बार में नहीं कर रहा

बार-बार टूटते बनते फुटपाथ को लेकर जेडीए की इंजीनियरिंग शाखा कटघरे में है। अमूमन बाकी विभागों में इंटीग्रेटेड प्लानिंग नहीं होने से सड़कों को बनाने के बाद तोड़ना होता है। यहां फुटपाथ बनाने वाला भी जेडीए था तो उसके बाद दो बार रोड लाइट और प्लांटेशन के लिए उसी ने फुटपाथ को तोड़ा और बनाया।



X
पैसे की बर्बादी : अरण्य भवन से जवाहर नगर के बीच डेढ़ साल पहले बने फुटपाथ को 4 बार तोड़ा
Click to listen..