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ब्रेकीथैरेपी की टेबल खराब है

एसएमएस अस्पताल में कैंसर मरीजों की पीड़ा हर दिन बढ़ती जा रही है। अस्पताल में ब्रेकी थेरेपी मशीन की टेबल खराब होने की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 04:16 AM IST

ब्रेकीथैरेपी की टेबल खराब है
एसएमएस अस्पताल में कैंसर मरीजों की पीड़ा हर दिन बढ़ती जा रही है। अस्पताल में ब्रेकी थेरेपी मशीन की टेबल खराब होने की वजह से पिछले 13 दिनों से मरीजों को थेरेपी नहीं दी जा पा रही है। नतीजतन प्रदेश भर से आने वाले मरीज अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। परेशानी यह भी कि मशीन कब तक सही होगी, इसकी जानकारी भी मरीजों को नहीं दी जा रही है। ऐसे में उनके सामने असमंजस की स्थिति यह है कि वे निजी अस्पताल में जांच कराएं या इंतजार करें। वहीं मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कंपनी को इस बारे में बता दिया गया है और जल्दी ही टेबल आएगी।

कैंसर मरीजों के आंतरिक अंगों में टयूमर, गांठ, भोजन की नली या फैंफडे, यूट्रस या गर्भाश्य में कैंसर को रोकने या खत्म करने के लिए ब्रेंकी थेरेपी दी जाती है। अस्पताल में रोजाना तीन से चार मरीजों को थेरेपी दी जाती है लेकिन पिछले 13 दिन से यह बंद है। ऐसे में मरीजों के सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया है। ब्रेकी थेरेपी महत्वपूर्ण इसलिए है कि मरीजों के आंतरिक अंगों में कैसर के इलाज के लिए एकमात्र यही थेरेपी सुरक्षित है और दी जाती है। थेरेपी में सोर्स को पार्ट में डाला जाता है। इसके बाद मरीज की कैंसर कोशिकाएं नष्ट होती हैं।

मशीन खराब होने की वजह से मरीजों का इलाज इसलिए भी मुश्किल हो रहा है कि एसएमएस अस्पताल में महज 300 रुपए में ब्रेकी थेरेपी हो जाती है जबकि किसी भी निजी अस्पताल में यह कम से कम 4000 रुपए में होती है। अलग-अलग पार्ट की थेरेपी के लिए अलग-अलग कीमतें निर्धारित की हुई हैं। इनमें 4000 से लेकर 7000 रुपए तक में थेरेपी दी जाती है।

ब्रेकी थेरेपी की टेबल में कुछ खराबी आ गई है। टेबल में रेडिएशन सम्बन्धी कुछ परेशानी आ रही है। हमनें कंपनी को लिख दिया है और उनका जबाव भी आ गया है। अगले तीन से चार दिन में नई टेबल आ जाएगी। डॉ. रोहिताश्व दाना, विभागाध्यक्ष, रेडियोथेरेपी विभाग

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