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इंजीनियर ढूंढ़ने लगे आठ साल से बंद पड़े ट्यूबवेल

शहर की लाइफलाइन बीसलपुर बांध का जलस्तर गिरने के साथ ही जलदाय विभाग के इंजीनियरों की परेशानी बढ़ा दी है। बांध में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 04:26 AM IST

इंजीनियर ढूंढ़ने लगे आठ साल से बंद पड़े ट्यूबवेल
शहर की लाइफलाइन बीसलपुर बांध का जलस्तर गिरने के साथ ही जलदाय विभाग के इंजीनियरों की परेशानी बढ़ा दी है। बांध में केवल दो महीने का पानी शेष है, ऐसे में जयपुर शहर में पेयजल आपूर्ति की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। शहर में किसी भी दिन दो दिन में एक बार पेयजल सप्लाई का आदेश जारी हो सकता है। बीसलपुर बांध से पेयजल सप्लाई की आशा टूटती देख जलदाय विभाग के इंजीनियरों ने 8 साल से बंद पड़े ट्यूबवेल को ढूंढना व चिन्हित करना शुरु कर दिया है। बांध में 310 आरएल मीटर से कम पानी होने पर विभाग के अगले एक महीने में ये ट्यूबवेल चालू कर मुख्य पाइपलाइन से मिलान करना होगा। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इंजीनियरों की दिक्कत ओर बढ़ गई है।

जलदाय विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर दिनेश सैनी का कहना है कि पिछले रिकॉर्ड के अनुसार बांध में अगस्त महीने में ही पानी की अच्छी आवक होती है। ऐसे में अभी तक पानी आने की आशा है। फिर भी बंद पड़े ट्यूबवेल चालू करने की प्लानिंग के साथ ही पेयजल प्रबंधन को लेकर चर्चा की जा रही है।

बांध में इस बार आया सिर्फ 26 सेमी. पानी

बीसलपुर बांध का लेवल रविवार रात को 309.13 आरएल मीटर से भी कम हो गया। मानसून कमजोर रहने के कारण इस बार बांध में केवल 26 सेमी पानी ही आया है। यह केवल 1.3 टीएमसी पानी है। इस मानसून में सीजन में बांध का न्यूनतम जल स्तर 20 जुलाई को 309.11 आरएल मीटर हो गया था, लेकिन दो सप्ताह पहले हुए बारिश के बाद यह बढ़ कर 309.37 आरएल मीटर तक पहुंचा गया। लेकिन अब जलस्तर रोजाना घट रहा है।

शहर में 3500 ट्यूबवेल, 2055 सप्लाई से जुड़े

जलदाय विभाग ने शहर की कॉलोनियों ने 3500 से ज्यादा ट्यूबवेल खोद रखे थे। शहर को बीसलपुर प्रोजेक्ट से जोड़ने के बाद केवल 2055 ट्यूबवेल को रोटेशन में चला कर 900 लाख लीटर पानी दोहित किया जा रहा है। अन्य ट्यूबवेल को बिजली कनेक्शन कटवा दिए थे। अब सभी ट्यूबवेल को 24 घंटे पेयजल सप्लाई से जोड़ने की प्लानिंग है।

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