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त्रिमूर्ति सर्किल स्थित डॉल म्यूजियम में कई राज्यों की डॉल्स एग्जीबिट

त्रिमूर्ति सर्किल स्थित डॉल म्यूजियम में कई राज्यों की डॉल्स एग्जीबिट सोविनियर स्टोर खुलेगा डॉल म्यूजियम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 04:30 AM IST

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    त्रिमूर्ति सर्किल स्थित डॉल म्यूजियम में कई राज्यों की डॉल्स एग्जीबिट

    सोविनियर स्टोर खुलेगा

    डॉल म्यूजियम में बाकी म्यूजियम की तर्ज पर सोविनियर शॉप खोली जाएगी जिसमें अलग-अलग देशों की डॉल्स होंगी। साथ ही राजस्थानी कला संस्कृति से जुड़े प्रोडक्ट होंगे। वहीं सेठ आनंदी लाल पोद्दार मूक बधिर संस्थान के बच्चों की बनाई पेंटिंग्स भी शॉप में होंगी। इससे जो इनकम होगी उसे इन बच्चों की एजुकेशन पर खर्च किया जाएगा।

    कैम्पस में विजिटर्स के लिए खुलेगा कैफेटेरिया

    विजिटर्स की सहूलियत को देखते हुए कैफेटेरिया भी खोला जाएगा। अगले कुछ महीनों में इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।

    डॉल म्यूजियम में 3 इंच की जैपनीज डॉल और 60 साल पुरानी टर्किश डॉल

    ‘सविता-रणजीत सिंह भंडारी डॉल्स म्यूजियम’ का इनोग्रेशन 14 जुलाई को होगा, म्यूजियम में करीब 700 नई और पुरानी डॉल्स का कलेक्शन है

    सिटी रिपोर्टर | जयपुर

    3 इंच की सबसे छोटी जैपनीज डॉल ‘सविता-रणजीत सिंह भंडारी डॉल्स म्यूजियम’ में सजाई गई है। इस म्यूजियम का इनोग्रेशन 14 जुलाई को केंद्रीय वाणिज्य उद्योग एवं नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करेंगे। म्यूजियम के दोनों विंग्स में करीब 700 नई व पुरानी डॉल्स हैं। म्यूजियम का रेनोवेशन और रेस्टोरेशन वर्क यशवंत कंवर रणजीत सिंह भंडारी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से किया गया है। डॉल्स म्यूजियम में स्टूडेंट्स के लिए 5 रुपए की एंट्री टिकट होगी। वयस्कों से 10 रुपए और फॉरेनर्स के लिए 50 रुपए की टिकट होगी।

    म्यूजियम में 10 देशों की 700 डॉल्स

    डॉल म्यूजियम में एयर कंडीशनर लगाए हैं। म्यूजियम के पहले हिस्से में पुरानी डॉल्स हैं जिसमें टूटी और जर्जर हो चुकी डॉल्स को दुरुस्त कर प्रदर्शित किया है। देश के विभिन्न राज्यों की डॉल्स के जरिए उनकी वेशभूषा और रहन-सहन को दिखाया गया है। वहीं दूसरी गैलरी में नई डॉल्स हैं। चाइना, जापान, थाइलैंड, इंडोनेशिया, दुबई सहित 10 देशों की करीब 700 डॉल्स म्यूजियम में प्रदर्शित हैं। आर्ट कंजर्वेटर रश्मि शर्मा ने पुरानी डॉल्स के कंजर्वेशन का काम किया है।

    डॉल्स म्यूज़ियम में जापान की 3 इंच की डॉल

    जानें म्यूजियम की खासियत

    l जैपनीज कल्चर को करीब से म्यूजियम के जरिए समझ सकते हैं। जापान के वेडिंग सेरेमनी की रस्में डॉल्स के जरिए दिखाई गई है। यह भी दिखाया गया है कि वहां लड़के और लड़की के 18 साल का होने पर कोदोमा डॉल देते हैं।

    l नई गैलरी में जैपनीज कामाकुरा इग्लू डॉल्स भी प्रदर्शित हैं।

    l 70 के दशक का यूरोपियन कल्चर दिखाती डॉल्स भी म्यूजियम में सजी हैं। इन डॉल्स ने उसी दौर के हिसाब से ड्रेसेज और फुटवियर्स पहने हैं।

    l टर्की की करीब 60 साल पुरानी डॉल और मॉडर्न अरब वुमन भी म्यूजियम में प्रदर्शित हैं।

    l सेव गर्ल चाइल्ड का मैसेज डॉल्स के जरिए दिया गया जिसमें हैंडीकेप्ड डॉल को बैसाखियों के सहारे दिखाया है। वहीं कम उम्र में बेटियों की शादी के खिलाफ आवाज उठाई गई। डॉल के हाथ में लॉली पॉप है और वहीं उसने वेडिंग ड्रैस पहनी है। जबकि वो शादी के लिए तैयार भी नहीं है। रेप के खिलाफ खड़ी डॉल का झुका चेहरा दिखाया गया है।

    डॉल्स म्यूज़ियम में सजी डॉल्स। जापान मे 18 साल के होने पर बेटियों को ये कोदोमा डॉल देने की प्रथा है।

    डॉल्स म्यूज़ियम में डरूमा साधू की डॉल

    14 जुलाई को म्यूजियम का इनोग्रेशन होगा। 3000 स्क्वायर फीट एरिया में म्यूजियम तैयार किया गया है। इसमें कूलिंग, शेल्फ की सुविधाएं हैं।  एस.एस. भंडारी, प्रबंध न्यासी, यशवंत कंवर रणजीत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन, जयपुर

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