• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Jaipur News
  • News
  • टेंडर एग्रीमेंट में स्टाम्प ड्यूटी 0.25%, निजी फर्म आधी भी जमा नहीं करवा रहीं
--Advertisement--

टेंडर एग्रीमेंट में स्टाम्प ड्यूटी 0.25%, निजी फर्म आधी भी जमा नहीं करवा रहीं

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग में होने वाले पेयजल टेडरों में एग्रीमेंट जमा कराने के समय 0.25 प्रतिशत स्टाम्प...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:31 AM IST
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग में होने वाले पेयजल टेडरों में एग्रीमेंट जमा कराने के समय 0.25 प्रतिशत स्टाम्प डयूटी ठेकेदारों को चुकानी होती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतम 15 हजार की स्टाम्प ड्यूटी होने के बावजूद लाखों के ठेके लेने वाली निजी फर्में व ठेकेदार यह फीस भी पूरी नहीं चुका रहे। राजधानी के ही गांधीनगर उपखंड में तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें कुल स्टाम्प फीस की 15-20 प्रतिशत राशि ही जमा करवाई गई है। नियम यह है कि स्टाम्प डयूटी अधूरी जमा होने पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो जाती है। विभाग के अफसरों की इस मुद्दे पर उदासीनता और अनदेखी के चलते स्थिति यह है कि कम स्टाम्प ड्यूटी चुकाने पर भी कोई टेंडर निरस्त नहीं किया जाता।

यह है नियम

विभाग में नये टेंडर के कार्यादेश जारी होने के 10 दिन के अंदर संबंधित फर्म को नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर के साथ उपस्थित होकर अनुबंध पर हस्ताक्षर करने होते है। यह स्टाम्प डयूटी राजस्थान वित्त अधिनियम के तहत लगती है। जिसमें टेंडर राशि का 0.25 प्रतिशत जमा कराना होता है। 15 हजार से ज्यादा की स्टाम्प डयूटी नहीं लगती है।

जलदाय विभाग जयपुर रीजन द्वितीय के दर्जनों पेयजल कार्यों में निजी फर्मों ने एग्रीमेंट के साथ स्टाम्प फीस कम दी है। इसकी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत लेकर मैंने लिखित शिकायत राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख शासन सचिव और मुख्य अभियंता को दी है। उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। -धर्मेंद्र सिंह, आरटीआई कार्यकर्ता



हमारे टेंडरों में स्टाम्प डयू्टी पूरी लगी हुई है। मेरे यहां सारे पैसे कटे हुए हैं, एक में भी कमी नहीं है। कोई कम चुकाता है तो स्टाम्प के पैसे हम फर्म या ठेकेदार से रनिंग बिल में काट लेते हैं।

-राम रतन डोई, अधिशाषी अभिंयता, जलदाय विभाग

केस नं 1 : सिटी सब- डिविजन 5 (दक्षिण), मालवीय नगर में सीडब्लयूआर की क्षतिग्रस्त छत के पुननिर्माण के लिए गोविंद प्रसाद गुप्ता एंड कंपनी को अक्टूबर 2017 में 71,90,619 का टेंडर हुआ। इस पर 15 हजार रुपए स्टाम्प फीस बनती है। लेकिन इस कार्य की केवल 2 हजार रुपए ही स्टाम्प फीस जमा करवाई गई है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।



केस नं 2 : नगर उपखण्ड -6 (दक्षिण), जगतपुरा जयपुर के अधीन गैटोर जलप्रदाय योजना में जोनिंग के लिए यूपीवीसी पाइप लाइन जोड़ने का काम दाधिच ट्यूबवैल कंपनी को अप्रैल 2015 में दिया गया। कार्य का 48,84,090 में टेंडर हुआ था। इस पर 5 हजार स्टाम्प फीस बनती है। लेकिन कंपनी ने 500-500 रु. के दो स्टाम्प लगाकर विभाग में अनुबंध पत्र जमा करवा दिया।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..