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प्रार्थी डॉक्टरों से राशि की वसूली पर लगाई रोक

हाईकोर्ट ने राजस्थान चिकित्सा सेवा नियम के 19 दिसंबर 2017 को किए तृतीय संशोधन को चुनौती देने के मामले में प्रमुख...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:31 AM IST
प्रार्थी डॉक्टरों से राशि की वसूली पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने राजस्थान चिकित्सा सेवा नियम के 19 दिसंबर 2017 को किए तृतीय संशोधन को चुनौती देने के मामले में प्रमुख चिकित्सा सचिव, प्रमुख कार्मिक सचिव और स्वास्थ्य निदेशक से जवाब मांगा है। वहीं प्रार्थी डॉक्टरों के खिलाफ निकाली गई राशि की वसूली पर रोक लगा दी। न्यायाधीश एम.एन.भंडारी व डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश डॉ. रंजना अरोडा व अन्य की याचिका पर दिया। अधिवक्ता महेन्द्र शर्मा ने बताया कि पूर्व में स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर चिकित्सा अधिकारियों को डीएसीपी स्कीम के तहत पात्रता की तिथि से उपनिदेशक व समकक्ष पद पर पदोन्नति दी जाती थी। लेकिन इस प्रावधान में संशोधन कर 1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2018 के बीच पदोन्नत होने वाले चिकित्सा अधिकारियों को पदोन्नति आदेश की तिथि या आगामी वर्ष की पहली अप्रैल से परिलाभ देने का प्रावधान किया गया। साथ ही पूर्व में सेवा नियमों के तहत लाभ ले चुके प्रार्थियों से राशि की रिकवरी निकाल दी गई। याचिका में कहा कि इस प्रावधान से डॉक्टरों के बीच में भेदभाव हो रहा है। साथ ही प्रार्थियों के खिलाफ गलत तरीके से रिकवरी निकाली गई है। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए मामले में सरकार से जवाब मांगते हुए प्रार्थी डॉक्टरों से राशि की वसूली पर रोक लगा दी।

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प्रार्थी डॉक्टरों से राशि की वसूली पर लगाई रोक
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