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बारिश में भी मुंबई-बेंगलुरू से जयपुर की हवा दुगुनी जहरीली

डूंगरसिंह राजपुरोहित | जयपुर बारिश के मौसम में वायु प्रदूषण सबसे कम रहता है लेकिन जयपुर बरसात में भी देश में...

Bhaskar News Network| Last Modified - Aug 10, 2018, 04:35 AM IST

बारिश में भी मुंबई-बेंगलुरू से जयपुर की हवा दुगुनी जहरीली
बारिश में भी मुंबई-बेंगलुरू से जयपुर की हवा दुगुनी जहरीली
डूंगरसिंह राजपुरोहित | जयपुर

बारिश के मौसम में वायु प्रदूषण सबसे कम रहता है लेकिन जयपुर बरसात में भी देश में सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो गया है। जयपुर ही नहीं जोधपुर, अलवर, कोटा, पाली, भिवाड़ी जैसे छह शहरों की हवा फेफड़ों और सांस के लिहाज से देश में सबसे जहरीली हो गई है। मुंबई और बैंगलुरु जैसे जयपुर से चार गुणा आबादी वाले महानगरों से भी जयपुर का वायु प्रदूषण दुगुना ज्यादा पाया गया है। मुंबई में सांसों से सीधे शरीर में जानेवाले पीएम-2.5 केटेगरी के जहरीले कणों की मात्रा तीन दिन की एवरेज 109 से 116 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाई गई है। वहीं मुंबई में औसत 58 और बैंगलोर में 63 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाई गई है।

जयपुर की हवा सबसे जहरीली सुबह 6 से 8 बजे और शाम 4 से 6 बजे रहने से ऑफिस गोइंग लोगों, प्रात: भ्रमण वाले वाकर्स और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सबसे घातक है। जयपुर में सांसों में घुलकर फेंफड़ों को कमजोर करने वाले और एलर्जी फैलाने वाले पीएम-2.5 केटेगरी के पार्टी कल देश में सर्वाधिक मात्रा में पाए गए हैं। त्वचा और आंखों को खराब करने वाले पीएम-10 पार्टी कल फिर भी कम है, लेकिन 2.5 माइक्रोन के छोटे घुलनशील कण जयपुर की आबो-हवा को बिगाड़ रहे हैं। जयपुर में भी शास्त्रीनगर, बनीपार्क, सिंधीकैंप, विद्याधरनगर, अंबाबाड़ी और वीकेआई तक के इलाकों में सर्वाधिक प्रदूषण है। दूसरे नंबर पर अजमेरी गेट, पुलिस कमिश्नरेट, टोंक रोड और आस पास के इलाके हैं। जयपुर में सबसे कम प्रदूषण आदर्शनगर, जवाहर नगर, सेठी कॉलोनी और आस पास के इलाकों का है।

सुबह-शाम जहरीली हवा सर्वाधिक

जयपुर के आधे से ज्यादा इलाकों में पीएम-2.5 श्रेणी के जहरीले कणों की मात्रा सुबह 6 से 8 और दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक अधिकतम मात्रा 209 से 273 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच जाती है। यह देश के सर्वाधिक प्रदूषित नोयडा और गुड़गांव के लगभग बराबर है। गुरुवार को ही शास्त्रीनगर और आसपास के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में पीएम-2.5 माइक्रोन की मात्रा हवा में 235 माइक्रोन प्रति घनमीटर रिकॉर्ड की गई। इसी तरह टोंक रोड, पुलिस कमिश्नरेट और आस पास के इलाकों में दिन में करीब 9 घंटे तक पीएम-2.5 की मात्रा 207 माइक्रोन प्रति घनमीटर दर्ज की गई। पीएम-10 कण भी औसतन 110 से 134 के बीच पाए गए हैं। पीएम-2.5 की मात्रा हवा में 60 और पीएम-10 की मात्रा 100 माइक्रोन प्रति घनमीटर से अधिक घातक होती है।

नोट : सभी आंकड़े- सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के 24 घंटे मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रति घंटा डेटा का तीन दिन तक विश्लेषण से तैयार किए

जोधपुर प्रदेश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर

जोधपुर में भी हवा में जहरीले कणों की मात्रा जयपुर के बाद प्रदेश में सबसे अधिक है। जोधपुर में भी पीएम-2.5 आकार के कण शाम छह बजे तो अधिकतम 203 से 213 माइक्रोन प्रति घनमीटर तक पाए गए। ऐसा ही हाल कोटा, अलवर और पाली का है।

बैंगलुरु दिल्ली की हवा का हाल हमसे ठीक

बैंगलोर में 90 प्रतिशत शहर की हवा देश में सबसे साफ है। वहां रेलवे स्टेशन इलाके में ही पीएम-2.5 आकार के जहरीले कण 63 माइक्रोन प्रति घनमीटर, हॉब्बल एरिया में तो 23 माइक्रोन प्रति घनमीटर ही रिकॉर्ड किए गए। दिल्ली में सबसे प्रदूषित अशोक विहार इलाके में औसत 152 माइक्रोन प्रति घनमीटर पीएम-2.5 पार्टी कल पाए गए।

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