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आरोपियों को 30 दिन में जमा करानी होगी राशि

दी राजलक्ष्मी महिला अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक गबन मामले में न्यायालय उप-रजिस्ट्रार सहकारिता समितियां जयपुर (शहर) ने...

Danik Bhaskar | Aug 12, 2018, 04:36 AM IST
दी राजलक्ष्मी महिला अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक गबन मामले में न्यायालय उप-रजिस्ट्रार सहकारिता समितियां जयपुर (शहर) ने प्रतिनियुक्ति पर आए जेडीए के इंस्पेक्टर मनोज चौधरी को निष्पादन अधिकारी नियुक्त किया है। यह पूर्व अध्यक्षा डाॅ. फिरोजा बानो समेत आठ आरोपियों से 4.43 करोड़ रुपए की गबन राशि वसूलने का काम पूरा करेंगे। आरोपियों की संपत्ति की पहचान कर इनको तीस दिन में राशि जमा कराने को कहा गया है।

न्यायालय उप रजिस्ट्रार के आदेश के मुताबिक आरोपियों की ओर से 30 दिन में गबन राशि मय ब्याज जमा नहीं कराने पर निष्पादन अधिकारी चिन्हित संपत्ति की कुर्की कर डिमांड नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद भी आरोपी राशि जमा नहीं कराते हैं तो कुर्क की गई संपत्ति को नीलामी के जरिए बेचकर राशि वसूली जाएगी। काबिलेगौर है कि गबन का यह मामला पिछले दो साल से चल रहा था। अनियमितताओं के चलते रिजर्व बैंक ने वर्ष 2016 में बैंक के बोर्ड को अमान्य घोषित कर सहकारी रजिस्ट्रार को बैंक के प्रबंधन की व्यवस्था के आदेश दिए थे।

बैंक की पूर्व अध्यक्ष फिरोजा बानो, बोर्ड सदस्य व अन्य कर्मचारियों पर जेडीए के फर्जी पट्टों के जरिए ऋण उठाने तथा उसका निजी उपयोग करने का आरोप है। इससे 10,000 से ज्यादा खाताधारकों की जमाओं पर संकट खड़ा हो गया। बैंक के सीईओ मोहम्मद इकबाल के मुताबिक डॉ. फिरोजा बानो व अन्य आरोपियों से 4.41 करोड़ रुपए की वसूली हो जाती है, तो बैंक का एनपीए शून्य हो जाएगा।

बैंक के लाभ में आने पर सदस्यों को डिविडेंट मिल सकेगा। रिजर्व बैंक से बैंक को व्यवसाय करने की अनुमति मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।