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Rs.5.19 करोड़ में बिकी दुकानें अब 1-1 करोड़ में भी नहीं बिक रहीं

जयपुर| एसएमएस अंडरपास की दुकानों की दरें भले ही जेडीए ने बढ़ा दी हों लेकिन अब मेडिकल स्टोर संचालकों का इस से मोह भंग...

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 04:36 AM IST
Rs.5.19 करोड़ में बिकी दुकानें अब 1-1 करोड़ में भी नहीं बिक रहीं
जयपुर| एसएमएस अंडरपास की दुकानों की दरें भले ही जेडीए ने बढ़ा दी हों लेकिन अब मेडिकल स्टोर संचालकों का इस से मोह भंग हुआ है। इसकी दो वजह सामने आई हैं। पहली, इतनी महंगी दुकानें खोलकर यहां बहुत अधिक पैसा नहीं कमाया जा सकता, ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालकों ने पूलिंग कर ली। वहीं जेडीए भी अपने वे वादे पूरे नहीं कर पाया है, जो उसने किए थे। नतीजतन पिछली दो बोलियों में एक भी दुकान नहीं बिकी। हालत यह रही कि चौथी बोली में तो एक भी दुकानदार दुकान लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। दुकानदारों को लगता है कि पांच करोड़ रुपए से अधिक कीमत की दुकान लेकर उसे चला पाना काफी मुश्किल होगा।

एसएमएस के अंडरपास में शुरुआती दो दुकानों के लिए जेडीए को साढ़े 9 करोड़ तो तीसरी दुकान के लिए साढ़े 3 करोड़ की बोली छूटी। इसके बाद तो जेडीए को उम्मीद थी कि वह 22 दुकानों से कई करोड़ रुपए कमा लेगा। इसी को देखते हुए उसने दरें पांच गुना तक बढ़ा दीं। 3 लाख रुपए प्रति स्क्वायर मीटर थीं, जो अब 15 लाख रुपए कर दी गई है। लेकिन जेडीए के लिए उल्टा मामला हो गया। व्यापारी इससे पीछे हट गए और उन्होंने कोई दुकान नहीं ली। व्यापारियों ने जेडीए पर आरोप तक लगाया कि वह वादे के मुताबिक कमिटमेंट पूरे नहीं कर रहा है।

मेडिकल स्टोर संचालकों ने की पूलिंग, 2 बोलियों में नहीं बिकी 1 भी दुकान

व्यापारियों की आशंका, सुविधाएं नहीं

दवा व्यापारियों का कहना है कि इतनी महंगी दुकानों के लिए व्यापार भी सुनिश्चित कराना है। जेडीए को मौके पर जो सुविधाएं बढ़ानी थी वो पूरी नहीं की। जेडीए के वादे थे कि बिजली-पानी जैसी सुविधाएं होंगी। वहीं अंडरपास को ही एसएमएस और ट्रोमा के बीच मुख्य रास्ते के रूप में उपयोग तय कराना था। हालांकि अभी तक ऐसा नहीं हो पाया। बल्कि ऐसे गेट खुले हैं, जिनकी मरीज के परिजन दूसरी मेडिकल दुकानों तक पहुंच रहे हैं।

जेडीए ने कहा जेडीए के ओएसडी एस जेड शाहिद ने कहा कि अब चूंकि उद्घाटन हो चुका है तो जल्द ही दुकानों के लिए और उत्साह नजर आएगा। अभी तक पहली दुकान के लिए 10 गुना बोली लगाने वाले व्यापारी ने हाल में पैसे जमा कराकर कब्जा ले लिया है। ऐसे में अन्य व्यापारियों में भरोसा जगा है। बोली का नया प्लान बना जल्द ही ऑक्शन लगा रहे हैं। सुविधाएं भी पूरी मुहैया होगी।

एसएमएस ने कहा अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा ने कहा कि आवंटन जेडीए को करना है। जितना जल्दी काम होगा, मरीजों को उतना ही फायदा होगा। लेकिन दुकानदारों के इतने अधिक कीमत में नहीं लेने की वजह व्यापार सुनिश्चित नहीं होना और पुलिंग है।

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Rs.5.19 करोड़ में बिकी दुकानें अब 1-1 करोड़ में भी नहीं बिक रहीं
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