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पीडब्ल्यूडी, पंचायत और मंदिर माफी की जमीन पर बनी हैं झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के दायरे में आने वाली कई दुकानें

जेडीए की 90ए कार्रवाई के बाद झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के दायरे में आ रही जमीन सरकारी हो गई है। यहां कई दुकानें मंदिर,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 04:40 AM IST

पीडब्ल्यूडी, पंचायत और मंदिर माफी की जमीन पर बनी हैं झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के दायरे में आने वाली कई दुकानें
जेडीए की 90ए कार्रवाई के बाद झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के दायरे में आ रही जमीन सरकारी हो गई है। यहां कई दुकानें मंदिर, पीडब्ल्यूडी और पंचायत की जमीन पर हैं। ऐसे में 600 से ज्यादा स्ट्रक्चर का पुनर्वास व मुआवजा का मामला दुकान मालिकों और किरायेदारों में उलझ गया है। जेडीए व्यापारियों के पुनर्वास की सहमति दे चुका है। बिल्डिंग मालिक भी पुनर्वास व मुआवजे पर अड़े हैं। हालत यह है कि जेडीए चार महीने से विवाद को नहीं सुलझा पा रहा है। जबकि एलिवेटेड रोड का काम अंबाबाड़ी की ओर से शुरू हो चुका है। जेडीसी वैभव गालरिया का कहना है एलिवेटेड रोड के दायरे में आ रहे व्यापारियों का पुनर्वास किया जाएगा। ज्यादातर बिल्डिंग मालिक ही व्यापारी हैं।

बिल्डिंग मालिक और किरायेदार में उलझा पुनर्वास...यही कारण है कि चार माह से मुआवजा नहीं तय हो सका

कई विवाद, बिल्डिंग के अनुसार होगी लॉटरी

मुआवजा और पुनर्वास के लिए 750 आवेदन आए थे। जेडीए जोन ने 604 आवेदन सही माने हैं। इसमें से भी 200 बिल्डिंग और दुकानों के टाइटल स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में जेडीए अब किरायेदार या मकान मालिक के बजाए बिल्डिंग या स्ट्रक्चर नंबर के अनुसार लॉटरी करेगी ताकि प्रक्रिया में देरी नहीं हो। एक बिल्डिंग में एक से ज्यादा किरायेदार है। वहां पर केवल एक ही जने का पुनर्वास होगा।

जेडीए एक्ट की धारा 44 के तहत पॉलिसी बनेगी

झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के पुनर्वास के लिए जेडीए अलग पॉलिसी बना रहा है। यह पॉलिसी जेडीए एक्ट की धारा 44 के तहत बनेगी। अब तक जेडीए कब्जेधारी को मुआवजा देता आया है। जेडीए ने जगतपुरा और बस्सी आरओबी की पॉलिसी के तहत यहां के कब्जेधारी लोगों का पुनर्वास किया था। जेडीए केवल लैंड फॉर लैंड की पॉलिसी बना रहा है। जमीन की अवाप्ति नहीं हुई है, ऐसे में कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। केवल स्ट्रक्चर का मुआवजा देंगे। जमीन पर बसे एक जने का पुनर्वास के तौर पर दुकान मिलेगी। यह मालिक या किरायेदार हो सकता है। पुनर्वास के लिए आवंटित की जाने वाली दुकान जमीन की आरक्षित रेट की 50 फीसदी तक राशि जमा करवाने की प्लानिंग है। जमीन वैशालीनगर व गोकुलपुरा में लॉटरी से तय होगी।

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