जयपुर

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मिथ्यादृष्टि में जीव को धर्म की बात नहीं सुहाती : विभंजन सागर

मिथ्यादृष्टि में जीव को धर्म की बात नहीं सुहाती : विभंजन सागर जयपुर | शास्त्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चल...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:40 AM IST
मिथ्यादृष्टि में जीव को धर्म की बात नहीं सुहाती : विभंजन सागर

जयपुर | शास्त्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे वर्षायोग में विभंजन सागर मुनिराज ने कहा कि मोक्ष मार्ग की सीढ़ी सम्यग्दर्शन ज्ञान और चरित्र को धारण कर ही पाई जा सकती है। रयणसार ग्रंथ की विवेचना करते हुए गुरुदेव ने बताया कि संतों की चर्या का यह गुण होता है विशेष, ना किसी से राग होता ना होता है द्वेष। मिथ्यादृष्टि में जीव को धर्म की बात नहीं सुहाती है और वह मिथ्यात्व में पड़कर अपना व अपने परिवार का जीवन नष्ट कर लेता है। मंच संचालन कर रहे प्रवीण बोहरा ने बताया कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व, 16 अगस्त को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक तथा 17 अगस्त को मोक्ष सप्तमी का महापर्व पारसनाथ विधान एवं शाश्वत तीर्थ क्षेत्र शिखर की संरचना करके मनाया जाएगा।

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