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किशोर न्याय बोर्ड दायित्व का निर्वहन देश सेवा की भावना से करें: जस्टिस भंडारी

जयपुर | हाईकोर्ट के न्यायाधीश व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एम.एन.भंडारी ने कहा है कि किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 04:40 AM IST

किशोर न्याय बोर्ड दायित्व का निर्वहन देश सेवा की भावना से करें: जस्टिस भंडारी
जयपुर | हाईकोर्ट के न्यायाधीश व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एम.एन.भंडारी ने कहा है कि किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति अपने दायित्व का निर्वहन नौकरी समझकर नहीं करें बल्कि इसे देश सेवा की भावना से करें। केवल ऑफिस में हाजिरी लगाने से काम नहीं चलेगा और न ही इससे बच्चों का भला होगा। शेल्टर होम में बच्चों को अपने बच्चों के समान ही व्यवहार देना होगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू के बाद अजमेर ड्रग एडिक्ट के मामलों में दूसरे नंबर पर है और इसमें भी पुष्कर व दरगाह क्षेत्र में सबसे ज्यादा ड्रग एडिक्ट हैं। ये नशे के चलते अपराध की दुनिया में कदम रखते हैं।

यह बात न्यायाधीश भंडारी ने शनिवार को रालसा व यूनिसेफ के सहयोग से किशोर न्याय बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम-2015 के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को दूर करना एवं अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चत करना, विषय पर अायोजित संगोष्ठी में कहे। रालसा के सदस्य सचिव एसके जैन ने कहा कि किशोर दुष्कर्म व हत्या जैसे केसों में शामिल हो रहे हैं जो चिंताजनक है। सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के एसीएस जेसी मोहंती ने कहा कि प्रदेश में 33 चाइल्ड केयर कमेटियां काम कर रही हैं और राजस्थान ऐसी व्यवस्था वाला प्रदेश है। यूनिसेफ की राजस्थान प्रमुख इजाबेल बर्डम ने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए यूनिसेफ कृत संकल्प है और राज्य सरकार, हाईकोर्ट व रालसा के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों के लिए कानूनी प्रावधानों को लागू करवाया जा रहा है।

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