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संतानों की सौगात देने को खोल रहे आईवीएफ सेंटर : डॉ. मुर्डिया

गुरुग्राम में 50वां सेंटर शुरू। उदयपुर | इंदिरा आईवीएफ ग्रुप ने बुधवार को कोलकाता के ठाकुुरपुकुर में 49वें और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 04:45 AM IST

संतानों की सौगात देने को खोल रहे आईवीएफ सेंटर : डॉ. मुर्डिया
गुरुग्राम में 50वां सेंटर शुरू।

उदयपुर | इंदिरा आईवीएफ ग्रुप ने बुधवार को कोलकाता के ठाकुुरपुकुर में 49वें और हरियाणा के गुरुग्राम में 50वें इंदिरा आईवीएफ सेंटर की शुरुआत की है। इस दौरान ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अजय मुर्डिया ने कहा- देश में नि:संतानता/बांझपन की दर 10-15 फीसदी तक है। इंदिरा आईवीएफ इस बड़ी पीड़ा को अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और भ्रूण वैज्ञानिकों से लैस देशभर में ज्यादा-से-ज्यादा सेंटर खोलकर कम करने का लगातार प्रयास कर रहा है। इसके समाधान के तौर पर इंदिरा आईवीएफ पिछले आठ साल में रिकॉर्ड 32 हजार परिवारों को संतान की सौगात मुहैया करा चुका है। चेयरमैन डॉ. मुर्डिया ने बताया कि इस समस्या से सर्वाधिक ग्रामीण दंपती पीड़ित हैं। वर्ष 2015 की रिपोर्ट के अनुसार देश-दुनिया में प्रजनन उम्र के 27.5 मिलियन दंपती नि:संतानता से ग्रस्त हैं। इनमें 40-50% नि:संतानता की वजह महिला में और 30-40% कारण पुरुषों में बढ़ा है। आईवीएफ तकनीक की विशेषज्ञ सेवाओं से अभी-भी अमूमन गांव-कस्बे वंचित हैं। दिल्ली की स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. सागारिका अग्रवाल बताती हैं कि इनफर्टिलिटी के सबसे ज्यादा मामले भारत और उसके बाद चीन में हैं। यहां-वहां खुल रहे एेरे-गैरे सेंटरों के लिए सरकार को मापदंड तय करने चाहिए ताकि वैधानिक बोर्ड का गठन दंपतियों को लुटने से रोक सके। जबकिआईसीएमआर एआरटी-बिल 2014 में आईवीएफ मामलों पर नियम और गाइडलाइन तो लेकर आया, लेकिन अभी तक उसे हरी झंडी नहीं दी गई है, नहीं उसमें कोई संशोधन किया गया है। जयपुर की डॉ. उर्मिला शर्मा बताती हैं कि देश में 15 प्रतिशत आबादी इनफर्टिलिटी की शिकार है। रोज करीब 100-150 मामले सामने आ रहे हैं। शोध बताते हैं की पुरुषों में इनफर्टिलिटी की दर 60% तक हो गई है, जो 1980 में करीब 40% ही थी।

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