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जन्मजात दिल की बीमारी में जी पाएंगे लंबी जिंदगी

हैल्थ रिपोर्टर जयपुर जन्मजात दिल की बीमारी का इलाज संभव है। समय पर इलाज करवाने से बच्चे की जिंदगी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 04:46 AM IST

हैल्थ रिपोर्टर जयपुर



जन्मजात दिल की बीमारी का इलाज संभव है। समय पर इलाज करवाने से बच्चे की जिंदगी बचाई जा सकती है। वहीं, वह क्वालिटी ऑफ लाइफ बिता पाएगा। जल्दी इलाज शुरू नहीं होने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। जयपुर के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत महावर बता रहे हैं, जन्मजात हृदय विकार को लेकर लोगों में किस-किस तरह की भ्रांतियां हैं।

1. क्या येबच्चे एक्टिव जिंदगी नहीं जी सकते?

कुछ साल पहले तक इस बीमारी से ग्रसित बच्चों की जान बचाने का परसेंटेज कम था। नई सर्जिकल एवं इंटरवेंशनल ट्रीटमेंट से इन विकारों को ठीक किया जा सकता है। वह लंबे समय तक जिंदा रहेगा। अयदि सर्जरी से जन्मजात विकारों को ठीक कर दिया जाएं, तो ये बच्चे एक्टिव जिंदगी जी सकते हैं।

2. क्या इलाज के लिए बच्चे की उम्र निर्धारित हो?

यदि बच्चे को जन्मजात हृदय विकार है तो उसे जन्म के समय भी ऑपरेट किया जा सकता है। ऑपरेशन का समय बच्चे की उम्र और वजन पर निर्भर करता है। यह विशेषकर सर्जरी के समय पर निर्भर करता है। 100 में से 1 बच्चा इस बीमारी से ग्रसित होता है, लेकिन अब एडल्ट में हर साल पांच परसेंट का इजाफा हो रहा है। इस जन्मजात बीमारी का मालूम नहीं चल पाता है। बड़े होने पर यह डायग्नोस होती है।

3. क्या िदल का छेद ही जन्मजात हृदय विकार है?

दिल में छेद होना सिर्फ एक तरह का विकार है। इसके अलावा वाल्व में ब्लॉकेज, रक्त वाहिकाओं का असामान्य तरीके से जुड़े रहना, वाल्व में सिकुड़न, हार्ट चैंबर का अविकसित होना आदि।

4. ईकोकार्डियोग्राफी का मतलब गंभीर समस्या तो नहीं?

बच्चे को ईको जांच के लिए तभी रैफर किया जाता है जब विशेषज्ञ उसकी दिल की धड़कन को असामान्य पाते हैं। बच्चों में धड़कन से Murmur की आवाज आना एक सामान्य समस्या है। यह जरूरी नहीं कि यह एक गंभीर हृदय रोग से ही जुड़ी हुई हो। कई बार यह आवाज स्वतः: ही गायब हो जाती है। अगर डॉक्टर ईको कार्डियोग्राफी की सलाह देता है, तो जरूर करवाएं।

5. क्या ओपन हार्ट सर्जरी ही एकमात्र इलाज है?

यह सच नहीं है। कुछ विकृतियां ओपन हार्ट सर्जरी से ही ठीक होती हैं और कुछ को पैर की नस के रास्ते बिना चीरा लगाये भी ऑपरेट किया जाता है।

6. क्या ये पेशेंट्‌स संतान प्राप्त कर सकते हैं?

ज्यादातर जन्मजात हृदय विकार वाले मरीज की सफल प्रेग्नेंसी संभव है, लेकिन उसमें प्रेग्नेंसी में कुछ रिस्क हो सकती है। प्रेग्नेंसी से पहले और इसके दौरान जितना जल्दी संभव हो, इनके बारे में डिस्कस कर लेना चाहिए। कार्डियोलॉजिस्ट से रिस्क के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही प्रेग्नेंसी की योजना बनानी चाहिए।

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