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पेट की मसल्स का साइज बढ़ने पर होता है हर्निया

हैल्थ रिपोर्टर जयपुर जब पेट की मसल्स बढ़ने लगती हैं। मसल्स की दीवार और कोलाजन फाइबर कमजोर पड़ने और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 04:50 AM IST

पेट की मसल्स का साइज बढ़ने पर होता है हर्निया
हैल्थ रिपोर्टर जयपुर



जब पेट की मसल्स बढ़ने लगती हैं। मसल्स की दीवार और कोलाजन फाइबर कमजोर पड़ने और भारी वजन होने की वजह से हर्निया होता है। हर्निया होने पर ब्लड़ वैसल्स पर दबाव पड़ता है जिससे खून की सप्लाई रुक सकती है। इससे ऑक्सीजन का लेवल कम हो सकता है। पेट में हल्का-दर्द महसूस होता है। विशेष रूप से उस हिस्से में भारीपन लगता है। कुछ केसों में किसी तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन कुछ केसों में चलने और दौडऩे पर दर्द हो सकता है। सामान्यत: हर्निया दो प्रकार के होता है इन्वाइनल और इन सीजनल हर्निया।

इन्वाइनल हर्निया : यह सामान्य प्रकार का हर्निया है ब्रिटिश हर्निया सेंटर के अनुसार 70 प्रतिशत हर्निया के मामले इन्वाइनल हर्निया के ही होते है। यह महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक पाया जाता है। अधिकतर राइड साइड में पाया जाता है। लेफ्ट साइड कम होता है। हर्निया में कब्ज,कफ-खांसी नहीं हाेनी चाहिए। सब कुछ खा सकते हैं, लेकिन फाइबर युक्त डाइट ज्यादा लें। ताकि कब्ज नहीं हो पाएं।

महिलाओं में फिमाेरल हर्निया होता है उसमें कॉम्पलिकेशन के चांस ज्यादा होते है। सबसे सामान्य लक्षण भारीपन महसूस होता है। धीरे-धीरे साइज बढ़ने पर इसमें रुकावट आ जाती है। रुकावट बढ़ने पर गैगरीन बाउल हो जाते हैं। इसमें सर्जरी ही इलाज है। एक मात्र उपचार है इसके अलावा को कोई उपचार नहीं है

बारह से कम की उम्र में नहीं लगाते जाली हाइटल हर्निया 50 साल से अधिक की उम्र वालों में ज्यादा पाया जाता है। जेनेटिक केस में बच्चों को जन्म से होता है। यह कॉल्जिनाइटल हो सकता है। 10 से 12 साल के बच्चे में हर्निया होने पर उसके ट्रीटमेंट में जाली नहीं लगाते हैं। 12 साल के बाद डवलपिंग एज होती है। इसमें मसल्स की दीवार स्वत: ही डवलप होना शुरू हो जाता है। बारह साल के बाद मैस लगाना जरूरी है।

सर्जरी दो प्रकार की होती है

लेप्रोस्कोपी और ओपन दो तरह की सर्जरी होती है अभी डिमांड में लेप्रोस्कोपी सर्जरी है। चीरे वाली सर्जरी में 5 से 7 सेंटीमीटर का चीरा लगता है और दूरबीन में एक 10 एमएम और दो 5 एमएम के चीरे लगते हैं। लेप्रोस्कोपी में 60 प्रतिशत लेफ्ट राइट दोनों तरफ के हर्निया दिख जाते है। लेटेस्ट गाइड लाइन के अनुसार अगर राइट साइड में हर्निया है तो सर्जरी के दौरान लेफ्ट साइट का ट्रीटमेंट भी करवा लेना चाहिए वरना भविष्य में उस जगह हर्निया हो सकता है। हालांकि दोनों सर्जरी में एक ही दिन में छुट्टी मिल जाती है।

-डॉ. जीवन कांकरिया

लेप्रोस्कॉपी सर्जन, एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुर

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