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मूलभूत सुविधाओं को मोहताज डांग क्षेत्र के बाशिंदे, सड़कों का अभाव, पहाड़ों से होकर जाना मजबूरी

बालेर. डांग क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग इन दुर्गम पहाड़ियों से गुजर कर रोजमर्रा के कार्य से बालेर...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:40 AM IST
मूलभूत सुविधाओं को मोहताज डांग क्षेत्र के बाशिंदे, सड़कों का अभाव, पहाड़ों से होकर जाना मजबूरी
बालेर. डांग क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग इन दुर्गम पहाड़ियों से गुजर कर रोजमर्रा के कार्य से बालेर आते-जाते हैं।

भास्कर न्यूज | बालेर

एक ओर सरकार गांव-ढाणियों में लोगों को बिजली, पानी, चिकित्सा, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पानी की तरह पैसा बहाकर लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन बालेर पंचायत के डांग क्षेत्र के भीमपुरा, विश्वनाथपुर, श्रीनाथपुरा के वाशिंदों के लिए आजादी के बाद भी बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करना मज़बूरी बनी हुई है। सरकार और सरकार के नुमांइदे इनकी पीड़ा के प्रति गंभीर नजर नहीं दिखाई दे रहे हैं।

यहां के लोगों को दैनिक उपयोग की सामग्री, चिकित्सा सेवाओं के लिए दुर्गम पहाड़ियों से गुजर कर लगभग 8-9 किलोमीटर दूर बालेर कस्बे में आना पड़ता है। सड़क के अभाव में दुर्गम पहाड़ी से गुजरकर कष्टदायी यात्रा करना इनकी मजबूरी बन गई ह। आज तक इस तरफ न तो प्रशासन ने ध्यान दिता है और न ही जनप्रतिनिधि ने। जब इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाती है कि यहां मूलभूत सुविधाओं का आभाव है तो वे विस्थापन की बात कहकर वे पल्ला झाड़ लेते हैं।



बीमार मरीजों व प्रसूताओं को ले जाते हैं चारपाई से

आम लोगों के साथ-साथ बीमार लोगों को इन रास्तों से आने में काफी परेशानी होती है। जब किसी व्यक्ति को या प्रसूता को अस्पताल पहुंचाना होता है तो उन्हें दुर्गम पहाड़ी से चारपाई पर लिटाकर कस्बे तक लेकर आना पड़ता है। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचकर उपचार मिलता है।

गर्मी में पेयजल संकट

डांग क्षेत्र के वाशिंदों को गर्मी में पेयजल संकट का भी सामना भी करना पड़ता है। यहां लगे हैंडपंपों की सुध भी नहीं ली जा रही है। एक मात्र कुएं में भी कुछ दिन का ही पानी बचा है। अब तो कुएं से इन दिनों कीचड़ युक्त पानी आ रहा है। पशुपालकों को 4 किमी दूर जाकर टपकड़ प्राचीन जलस्त्रोत से पशुओं की प्यास बुझाने के लिए ले जाना पड़ता है।

जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते

यहां के वाशिंदों के आवगमन के लिए पहाड़ी पर बना हुआ रास्ता भी खस्ताहाल में होने के कारण लोगों की प्रतिदिन की यात्रा भी काफी दुख़दायी होती है। दैनिक उपयोग की सामग्री व चिकित्सा सेवाओं के लिए यहां के वाशिंदों को कस्बे में रोज का आना जाना बना रहता है, लेकिन इस ओर जनप्रतिनिधियों का भी कोई ध्यान नहीं होने से बालेर पंचायत के इन गांवों में सुविधाओं का आज भी टोटा बना हुआ है, जिससे लोग परेशान है।

मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज

डांग क्षेत्र के चिरंजी, रामहेत, राधेश्याम, छेलू, परसराम, रामभजन, घनश्याम, रतन सिंह, रामदयाल गुर्जर सहित ग्रामीणों ने सोमवार का मुख्यमंत्री हैल्प लाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज करवाकर शीघ्र पेयजल समस्या सहित मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।

विस्थापन का है मामला

बालेर पंचायत के डांग क्षेत्र में पेयजल संकट है, तो ये विस्थापन का मामला है। सरपंच से बात करिए।

-मदनलाल बैरवा, विकास अधिकारी, खंडार

एनओसी मिलने के बाद ही पेयजल समस्या का समाधान हो पाएगा

बालेर पंचायत के डांग क्षेत्र के गांवों में पानी की समस्या से कलेक्टर का अवगत करवा रखा है। वंहा कुएं को भी गहरा करवाया गया था, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। एनओसी मिलने के बाद ही पेयजल समस्या का समाधान हो पाएगा। हैंडपंप सही करवाने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।

-पार्वती देवी, सरपंच, ग्राम पंचायत बालेर

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