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बूढंदे बाबा के कथा का समापन

बूढंदे बाबा मंदिर परिसर में सर्व समाज की ओर से हुई भागवत कथा के समापन पर गुरुवार को विशाल भंडारे में आसपास के 80...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:25 AM IST
बूढंदे बाबा मंदिर परिसर में सर्व समाज की ओर से हुई भागवत कथा के समापन पर गुरुवार को विशाल भंडारे में आसपास के 80 गांवों से करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी जीमी। भंडारे की वजह से कस्बे के बाजार पूरी तरह बंद रहे। भंडारे में श्रद्धालुओं की भीड़ से मेले जैसा नजारा हो गया। गांवों से श्रद्धालु भजन संगीत एवं धार्मिक धुन पर नाचते गाते हुए भंडारे में पहुंचे। इस अवसर पर बूढंदे बाबा मंदिर मे विशेष रूप से सजावट की गई। भंडारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा पूर्व मंत्री भरोसीलाल जाटव सहित कई नेताओं ने शिरकत की।

बंद रहे बाजार, 5 बीघा में विशाल पांडाल, मेले जैसा नजारा

भंडारे का शुभारंभ सुबह 9 बजे सर्व समाज के पंच पटेलों ने मंदिर में भोग लगाकर किया। इसके पश्चात दिन भर पंगत प्रसादी का दौर चलता रहा। भंडारे के लिए मंदिर के पास 5 बीघा जमीन में विशाल पांडाल बनाया गया। प्रसादी में देसी घी के पुआ एवं काशीफल की सब्जी बनाई गई। प्रसादी बनाने के लिए 18 से अधिक हलवाई लगाए गए। श्रद्धालुओं की आवभगत करने में कस्बे के लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। कई स्थानों पर प्याऊ लगाई एवं शरबत पिलाई। बूढंदे बाबा मंदिर परिसर में 10 मई से भागवताचार्य रमेश चंद्र शास्त्री पांचोली वालों द्वारा कथा का वाचन किया जा रहा था। भंडारे में सूरौठ, ताहरपुर, भुकरावली, धाधरैन धंधावली, सौमला, सौमली, जटवाड़ा, बाई जट्ट, धुरसी, सहित 80 गांवों ने शिरकत की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, पूर्व मंत्री भरोसीलाल जाटव सहित कई नेताओं ने की शिरकत

सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रही पुलिस, आतिशबाजी के साथ रैकड़ा भी चलाए

इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी सैयद शरीफ अली की देखरेख में पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। भंडारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, पूर्व राज्य मंत्री भरोसीलाल जाटव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मामू, हिंडोन के पूर्व चेयरमैन भगवान सहाय शर्मा, राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष नरेश मीणा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोलंकी, नरेश गुर्जर, भगत सिंह डागुर, रविंद्र बेनीवाल सहित कई नेताओं ने भंडारे में प्रसादी जीमी। भंडारे के अवसर पर बाजार में सभी दुकानें बंद रही तथा सब्जी मंडी भी बंद रही। भंडारे के अवसर पर जमकर आतिशबाजी की गई तथा रैकड़ा चलाए गए।