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महा बालपंचायत का गठन, ललिता बाल सरपंच निर्वाचित

कस्बे के पावटा रोड स्थित बाल आश्रम में मंगलवार को कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन एवं ग्लोबल मार्च अगेंस्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 07:10 AM IST

महा बालपंचायत का गठन, ललिता बाल सरपंच निर्वाचित
कस्बे के पावटा रोड स्थित बाल आश्रम में मंगलवार को कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन एवं ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लैब के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय बाल पंचायत के चुनाव हुए। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि आज देश में बालश्रम व बाल यौन शोषण बहुत बड़ी महामारी बन चुका है। इसको खत्म करने के लिए सरकारों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि बाल मित्र ग्राम का निर्माण बाल मित्र दुनिया बनाने की ओर बढ़ने के प्रति मेरी सोच का पहला कदम है। बाल मित्र ग्राम के निर्माण से बच्चों के माता-पिता, शिक्षक, समुदाय और नेतृत्वकर्ताओं को बच्चों की आवाज सुननी होगी और नीति-निर्माण प्रक्रिया में उनको साझीदार बनाना होगा। बाल पंचायत का गठन के बाद देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक ओर जहां बच्चों की चिंता और उनकी भागीदारी बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर बच्चों में नेतृत्वकारी मूल्यों का भी निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि कहने को तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंंत्र है, लेकिन उसे अभी समावेशी और सहभागी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सीखना बाकी है। देश में पोर्न साइट्स का करीब 10 अरब डालर का व्यवसाय है। आज हमारे देश में चुनाव जातिवाद, सांप्रदायिकता के आधार पर चुनाव लड़ते है जिससे समाज की बुराईयां कम होने के बजाय ज्यादा बढ़ जाती है। इसको लेकर हमने गांवों में 600 बाल मित्रों का गठन कर 580 गांवों में बाल पंचायतों का गठन किया।

छह राज्यों के बाल मित्रों ने किया मतदान

चुनाव प्रकिया में बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक के 66 मनोनीत बाल पंचायत सदस्यों ने 11 सदस्यीय महा बालपंचायत का चुनाव किया। इसमें बाल सरपंच ललिता निर्वाचित हुई।

विराटनगर. बाल आश्रम में राष्ट्रीय बाल पंचायत चुनाव में मनोनीत बाल पंचायत सदस्यों की हौसला अफजाई करते नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी।

ये कार्य करेगी बाल पंचायत

6 राज्यों 11 सदस्यीय निर्वाचित महा बालपंचायत अपने-अपने राज्यों के हजारों बच्चों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का काम करेगी। महा बाल पंचायत के सदस्य उन सामाजिक बुराइयों को दूर करने को भी प्रतिबद्ध होंगे, जो बच्चों का किसी भी रूप में शोषण करते है। इन बच्चों की आवाज अपने समुदाय की आवाज बनेगी। इस पंचायत का मुख्य काम स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं का विकास करना, स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति कराना, बच्चों की स्कूलों में नियमित रूप से उपस्थिति तय कराना, बाल विवाह को रोकना, भेदभाव, छूआछूत को दूर करना होगा। महा बालपंचायत सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से सरकार की ओर से जारी विभिन्न योजनाओं को भी लागू करवाने का भी काम करेगी।

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