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कांग्रेस के विधायक जयपुर के दो अलग-अलग रिजॉर्ट में पहुंचे, देर शाम एक तबियत बिगड़ी; एंबुलेंस मौके पर पहुंची

एक वर्ष पहले
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जयपुर पहुंचे मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायकों को बस से एक रिसोर्ट ले जाया गया।
  • खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए जयपुर में सुरक्षित रखा जाएगा विधायकों को
  • इससे पहले महाराष्ट्र के विधायकों को भी जयपुर में रखा गया था

जयपुर। मध्यप्रदेश में चल रही सियासी उठापटक के बीच मध्यप्रदेश के 86 कांग्रेस विधायक बुधवार दोपहर जयपुर पहुंच गए। जिसके बाद उन्हे जयपुर दिल्ली रोड स्थित ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट लाया गया है। वहीं  सज्जन सिंह समेत 38 एमएलए को ब्यूना विस्टा से 25 किलोमीटर दूर ट्री हाउस रिसॉर्ट में ठहराया गया है। इससे पहले इन विधायकों को एक चार्टर प्लेन से जयपुर लाया गया है। फिर इन्हें तीन बसों के जरिए रिसॉर्ट पहुंचाया गया। जिसमें से दो ब्यूना विस्टा और एक ट्री हाउस रिसॉर्ट पहुंची। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट में मौजूद रहे। 


देरशाम करीब 7.30 बजे ब्यूना विस्टा रिसोर्ट में रुके एक विधायक की तबियत खराब हो गई है। जिसके चलते रिसॉर्ट में एंबुलेंस बुलाई गई। जिसके साथ डॉक्टरों की टीम भी रिसॉर्ट पहुंची है। बताया जा रहा है कि शुगर कम होने के चलते विधायक की तबियत खराब हुई।

गहलोत बोले - बेशर्मी से हॉर्स ट्रेडिंग हो रही, सब मिलकर सबक सिखाएंगे 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बड़ी बेशर्मी से हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है। ये लोग देश को कहां ले जाएंगे, पता नहीं। जिस तरह लोकतंत्र की हत्या कर रहे है। वह पूरा मुल्क देख रहा है। वहीं इनको सबक सिखाएगा। गहलोत ने कहा कि एमएलए जयपुर आ रहे हैं क्योंकि आप देख रहे हैं किस प्रकार से गुंडागर्दी हो रही है। इस तरह का नंगा नाच हो रहा है। सब मिलकर सबक सिखाएंगे।


ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, यह अवसरवादी लोग हैं। जितना जल्दी चले जाएं अच्छा है। इन्हें कांग्रेस ने बहुत कुछ दिया। 17 से 18 साल पदों पर रखा। जिसके बाद भी इन्होंने मौकापरस्ती दिखाई। जनता इनको माफ नहीं करेगी। भाजपा को जो मौके मिल रहे हैं वो धनबल के आधार पर मिल रहे हैं। धन की कमी नहीं है। सीबीआई, ईडी के जरिए लोगों पर प्रेशर बनाया जा रहा है।


इन विधायकों को जयपुर में ठहराने के लिए महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ जुटे हुए थे। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इस संबंध में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से फोन पर बात हुई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।


मध्यप्रदेश में पिछले साल हुए चुनाव में कांग्रेस ने 114 सीटें जीती थीं जबकि 228 सदस्यीय विधानसभा में सरकार चलाने के लिए 116 विधायक होना जरूरी है। कांग्रेस को बसपा सहित निर्दलीय विधायकों ने समर्थन दे रखा है। 


उनके समर्थन में 22 विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उल्लेखनीय है कुछ माह पहले महाराष्ट्र में आए राजनीतिक संकट के बीच भी वहां के कांग्रेस विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने जयपुर में रखा था।

सिंधिया जी को किस बात की नाराजगी है वो किसी को समझ नहीं आई- हरीश चौधरी


ज्योतिरादित्य सिंधिया को सम्मान के सवाल पर राजस्थान सरकार में मंत्री हरीश चौधरी बोले कि इससे ज्यादा और क्या सम्मान दे सकते हैं। पार्टी ने उनके राजनैतिक करियर में जो अवसर दिए। शायद ही किसी सामान्य कार्यकर्ता को ये अवसर मिला। आज लोग पार्टी की विचारधारा से सहमत होकर सदस्यता लेते हैं। मध्यप्रदेश अभी जीता या नहीं जीता वो समय बताएगा। वहीं राजस्थान के अंदर जो जनता का फैसला है। कांग्रेस की सरकार ही चलेगी। 


ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ किसी तरह का इनजस्टिस नहीं हुआ है। एक सामान्य नेता को जो कांग्रेस पार्टी देती है। उससे बहुत ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया है। जो अवसर उनको मंत्री के तौर पर दिए, महासचिव के तौर पर दिए हैं। वो बहुत बड़ी भूमिका रही है। वो किसी सिद्धांतिक असहमती के कारण नहीं जा रहे। उन्हे कुछ और चाहिए। 


बहुमत के सवाल पर हरिश चौधरी बोले- बिल्कुल। मध्यप्रदेश में जो विधायक चुनकर आए हैं। वो कांग्रेस के सिद्धांत और सिंबल पर चुनकर आए हैं। जब वो अंतरआत्मा से फैसला करेगे तो सही फैसला करेंगे। सिंधिया जी को किस बात की नाराजगी है वो किसी को समझ नहीं आई। राज्यसभा सीट के बारे में क्या फैसला होना था, ये उनको खुद को पता था। 

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