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मकर संक्रांति / जयपुर में सुबह से ही पतंगबाजी परवान पर, विदेशी मेहमानों ने भी उड़ाई पतंग

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 04:14 PM IST


विदेशी पर्यटकों ने भी पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। विदेशी पर्यटकों ने भी पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।
रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया आसमान। रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया आसमान।
पतंगबाजी पर हाथ अजमाते पर्यटक। पतंगबाजी पर हाथ अजमाते पर्यटक।
पतंगों की खूब बिक्री हुई। पतंगों की खूब बिक्री हुई।
Makar sankranti kite festival in jaipur
Makar sankranti kite festival in jaipur
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विदेशी पर्यटकों ने भी पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।विदेशी पर्यटकों ने भी पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।
रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया आसमान।रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया आसमान।
पतंगबाजी पर हाथ अजमाते पर्यटक।पतंगबाजी पर हाथ अजमाते पर्यटक।
पतंगों की खूब बिक्री हुई।पतंगों की खूब बिक्री हुई।
Makar sankranti kite festival in jaipur
Makar sankranti kite festival in jaipur

  • शुभ कार्यों की शुरुआत भी मंगलवार से होगी 
  • अधिकतर धार्मिक कार्यक्रम भी मंगलवार को होंगे

जयपुर. मकर संक्रांति के पर्व पर सोमवार को जयपुर में खूब पतंगबाजी हुई। सुबह से ही लोग छत पर नजर आए। पतंगबाजी भी परवान पर रही। वहीं पुष्कर में विदेश मेहमानों ने भी पतंगबाजी की। जयपुर की पतंगबाजी विश्व प्रसिद्ध है। साथ ही यहां संक्रांति पर दानपुण्य का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन ज्योतिष गणना के मुताबिक सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को शाम 7:50 बजे होने की वजह से पुण्यकाल मंगलवार को सुबह से शाम तक रहेगा। शुभ कार्यों की शुरुआत भी मंगलवार से होगी। अधिकतर धार्मिक कार्यक्रम भी मंगलवार को होंगे। 
 

पतंगबाजी चरम पर

  1. शहर में पतंगबाजी का सुरूर सुबह से ही चरम पर रहा। पतंगबाजी के लिए परकोटे में युवाओं की टोलियां छतों पर हैं। पतंगबाजी के पेच लडऩे लगे। दिन भर लोग पतंगबाजी का आनंद लेते रहे। चारदीवारी के बाजारों में आम दिनों से अधिक भीड़ दिखाई दी। मौसम विभाग की मानें तो हवाएं सामान्य से ज्यादा 20-22 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी। सुबह उत्तर-पूर्व की ओर हवा की रफ्तार 18-20 किमी, दोपहर 12 बजे बाद उत्तर-पश्चिमी और शाम को पश्चिमी-पूर्वी के साथ गति 20 से 22 किमी करीब रहेगी। 

  2. पतंग-मांझा खरीदने होड़

    शहर के प्रमुख बाजारों सहित परकोटे की गलियों में देररात तक पतंग-मांझा खरीदने वालों की रौनक देखते ही बन रही थी। बाजारों में भी देर रात तक खरीदारी होती रही। शहर के हांडीपुरा, हल्दियों का रास्ता, अजमेरी गेट, चांदपोल बाजार, पुरानी बस्ती और संजय बाजार में पतंगों की खरीददारी परवान पर रही।

  3. जयपुर में काइट फेस्टिवल का उत्साह

    जयपुर में मकर संक्रांति पर पतंगोत्सव 14 से 16 जनवरी तक मनाया जाएगा। राजस्थान के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस उत्सव का हिस्सा बनने दूर-दूर से लाेग आते हैं। इस दौरान आयोजित पतंगबाजी प्रतियोगिता में जाने-माने पतंगबाज भाग लेते हैं। पतंगोत्सव पोलो ग्राउंड में मनाया जाता है।   

  4. संक्रांति पर पतंगबाजी का चलन क्यों

    ज्योतिषाचार्य पीतांबर प्रसाद शर्मा ने बताया कि मकर राशि में इस दिन सूर्य का संक्रमण होता है। इसलिए यह दान पुण्य का त्योहार है। इसमें भी सूत यानी धागे के दान का अपना अलग महत्व है। इसलिए जयपुर के राज परिवार ने पतंगबाजी की शुरुआत की। ताकि पतंग के साथ धागा सभी लोगों में बंटे। धीरे धीरे यह त्यौहार पतंगबाजी के शौक में तब्दील हो गया। 

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