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पुरुष नसबंदी सिर्फ 2%, फैमिली प्लानिंग का 98% जिम्मा महिलाओं पर

एक वर्ष पहले
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  • पिछले पांच साल में 1,36,3271 महिलाओं और महज 18,544 पुरुषों ने ही कराई है नसबंदी
  • भास्कर ने जाना आखिर पुरुष नसबंदी क्यों नहीं करवाते?, शारीरिक कमजोरी और वैवाहिक जीवन प्रभावित न हो, इस मिथक से पुरुष नहीं करवाते नसबंदी
  • सरकार द्वारा नसबंदी के नाम पर प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद नहीं बढ़ रही पुरुष नसबंदी, नतीजा ये कि... महिलाओं को झेलना पड़ता है दर्द

 

जयपुर (सुरेन्द्र स्वामी). जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रम व योजनाओं के बाद भी महिलाओं की तुलना में पुरुष नसबंदी के आंकड़े शर्मनाक हैं। सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी न के बराबर है। आकड़ों के अनुसार नसबंदी कराने वाले पुरुष महज एक से दो फीसदी हैं। परिवार नियोजन में 98 फीसदी महिलाओं का हाथ है। पुरुष नसबंदी में पिछड़ने का प्रमुख कारण कमजोरी आने और वैवाहिक जीवन प्रभावित होने जैसे मिथक हैं।


1,3818,15 नसबंदी हुईं 5 साल में

वर्ष पुरुष महिला कुल
2014-15 4304 299302 303606
2015-16 4775 288665 283920
2016-17 2836 275612 279448
2017-18 2558 247132 249680
2018-19 3106 260416 257310

 

 

पुरुष नसबंदी दिवस तक शुरू कर चुके हैं
परिवार कल्याण कार्यक्रम में पुरुषों को नसबंदी के प्रति आकर्षित करने के लिए कुछ जिलों में स्मार्टफोन, फ्रीज, एलईडी, गैस सिलेंडर-चूल्हा और अन्य आकर्षक उपहार देने के बाद भी आंकड़े नहीं सुधर रहे। पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से सरकार के निर्देश पर हर माह के तीसरे बुधवार को पुरुष नसबंदी वार के रूप में मनाया जाता है। 10% पुरुष नसबंदी का लक्ष्य रखा गया।

 

11 हजार 641 नसबंदी फेल

अप्रैल 2014 से मार्च 2019 तक 11 हजार 641 नसबंदी फेल के मामले मिले है।  इनमें से 11 हजार 470 महिला व 171 पुरुष नसबंदी शामिल है। जबकि 5 साल में 7483 महिला-पुरुष नसबंदी फेल होने पर 22 करोड़ 40 लाख 90 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। भुगतान में 7313 महिला व 170 पुरुष है। इसके अलावा 35 महिलाओं की मौत के मामले में 62 लाख 50 हजार रुपए की राशि का भुगतान करना पड़ा।

 

नसबंदी फेल हुई तो मुआवजा...

  • पुरुष नसबंदी करवाने पर 1400 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
  • विशेष शिविर के दौरान नसबंदी करवाने पर उपहार दिया जाता है।
  • पुरुष या महिला की नसबंदी फेल होने पर 30 हजार रुपए मुआवजे की व्यवस्था है।
  • ऑपरेशन के दौरान मौत होने पर 2 लाख रुपए देने का भी प्रावधान है।

 

कहां कितनी नसबंदी फेल

जिला संख्या
अजमेर 581
कोटा 529
जयपुर 488
सीकर 380
धोलपुर 347
भरतपुर 340
जोधपुर 339
झुन्झुन 306
भीलवाड़ा 295
हनुमानगढ़ 293
करौली 292
झालावाड़ 263
नागौर 230

 

पति को अपनी पत्नी का ही ऑपरेशन कराने में ज्यादा विश्वास है। ग्राफ बढ़ाने के लिए हर माह के तीसरे बुधवार को पुरुष नसबंदी दिवस मनाया जाता है। साथ ही प्रोत्साहन राशि भी अधिक देते हैं। एक छोटे से चीरे वाली नो स्कैलपेल वेसेक्टोमी के लिए भी पुरुष तैयार नहीं होते। ये मानसिकता का मुद्दा है। - डॉ.श्रीराम मीणा, निदेशक (आरसीएच)

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