अलवर / आठ साल पहले प्रेमिका के पति की हत्या कर शव दबाया, दिल्ली पुलिस ने कंकाल निकाला



बरामद हुए हड्डियों के अवशेष। बरामद हुए हड्डियों के अवशेष।
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बरामद हुए हड्डियों के अवशेष।बरामद हुए हड्डियों के अवशेष।

  • अलवर निवासी आराेपी की निशानदेही पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कराई खुदाई
  • टपूकड़ा निवासी ट्रांसपोर्टर कमल और सह अभियुक्त बिहार के समस्तीपुर निवासी गणेश महतो गिरफ्तार

Dainik Bhaskar

Oct 06, 2019, 03:59 AM IST

टपूकड़ा (अलवर). दिल्ली निवासी एक युवक की हत्या के 8 साल बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को टपूकड़ा में दबाये गए शव का कंकाल बरामद किया। आठ दिन पहले गिरफ्तार हत्या के आरोपी टपूकड़ा निवासी ट्रांसपोर्टर और सह अभियुक्त की निशानदेही पर खुदाई कराई गई थी। आरोपी ट्रांसपोर्टर ने मृतक की पत्नी से प्रेम संबंध के चलते हत्या कर दी थी, लेकिन कोई सबूत नहीं मिल पाया।


बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रहे पिता की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 2017 में टपूकड़ा निवासी ट्रांसपोर्टर कमल की ब्रेन मैपिंग कराई। इसकी रिपोर्ट में उसे दोषी पाया गया, लेकिन पुलिस गिरफ्तार करती इससे पहले वह चंपत हो गया। मोबाइल लोकेशन के जरिये उसे 27 सितंबर को पकड़ लिया गया। उसके एक और मददगार की 4 अक्टूबर को गिरफ्तारी होने के बाद दिल्ली पुलिस दोनों को लेकर टपूकड़ा पहुंची और तिजारा एसडीएम की मौजूदगी में खुदाई कराई। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी कमलेश्वर राय ने बताया कि दिल्ली के समालखा-कापासेड़ा निवासी रवि कुमार पुत्र जय भगवान वर्ष 2011 में शादी के करीब एक माह बाद ही लापता हो गया।

 

पिता जय भगवान ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। करीब आठ साल तक उसका कुछ पता नहीं चला। पिता जय भगवान की शिकायत पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच को मिली। लापता होने के घटनाक्रम की पुन: जांच के बाद शक के आधार पर टपूकड़ा निवासी कमल पुत्र नानकचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने रवि की हत्या कर शव टपूकड़ा में दबाने का राज उगल दिया। वारदात में बिहार के समस्तीपुर निवासी गणेश पुत्र सुरेश महतो भी शामिल था। उसे 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। केस की मॉनीटरिंग कर रहे दिल्ली पुलिस के एसीपी सुरेंद्र कुमार गुलिया के निर्देश पर दिल्ली पुलिस कमल व गणेश को लेकर शनिवार को टपूकड़ा पहुंची। दोनों की निशानदेही पर मेन बस स्टैंड के समीप खाली जमीन पर जेसीबी से खुदाई कराई गई। यहां नर कंकाल और अवशेष मिल गए।


तब जंगल में दबाया था शव, अब आबादी बस गई
कमल ट्रांसपोर्ट का काम करता है और टपूकड़ा बस स्टैंड के पास हाइवे पर एसके टावर के नाम से आफिस खोल रखा था। हत्या के बाद उसने अपने आफिस के सामने खाली जगह पर शव को दबा दिया। ताकि उसकी नजर बनी रहे। 8 साल पहले यहां जंगल था। शव दबाने का किसी को पता नहीं चला। बाद में चारों तरफ मकान बन गए, लेकिन गनीमत रही कि जहां शव दबाया, वह जमीन अब तक खाली थी। मकान बनता तो शायद सबूत भी नहीं मिलते। हत्या के बाद पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ की थी। तब उसने दुबारा खुदाई कर अवशेष निकाले। इन्हें बूढीबावल-धारूहेडा रोड़ पर अलग जगह पटक आया। कुछ अवशेष गड्ढे में छूट गए। इन्हें तलाशना भूसे के ढेर से सुई ढूंढने जैसा था, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रीढ़, कूल्हे और कमर के हिस्से की हड्डियां और पसलियों के टुकड़े बरामद किए।


प्रेमिका की शादी हुई तो उसके पति की हत्या कर डाली
पुलिस ने बताया कि टपूकड़ा निवासी कमल पुत्र नानकचंद के पड़ोस में रहने वाली लड़की से प्रेम संबंध थे। वर्ष 2011 में लड़की की शादी दिल्ली के समालखा-कापासेडा निवासी रवि कुमार पुत्र जय भगवान के साथ हो गई। शादी के बाद कमल ने ससुराल में भी संबंध बना लिए। उसके घर आने-जाने लगा। गांव का होने के नाते किसी को शक नहीं हुआ। इसी बीच वह एक दिन रवि को टपूकड़ा चलने की कह अपने साथ कार में लेकर निकल गया। फिर गणेश महतो के साथ मिलकर हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह बात उसने प्रेमिका को नहीं बताई। बल्कि सहानुभूति जात उसे टपूकड़ा लाकर पास रख लिया। लोगों की नजर में आया तो विवाहिता की मिलने वाले एक ड्राइवर से शादी तक करा दी। पुलिस ने मृतक रवि की पत्नी की भूमिका से इनकार किया है।

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