12 से 18 साल के बच्चे करा रहे कॉस्मेटिक सर्जरी, हमेशा खूबसूरत दिखना बोझ जैसा: मनीषा कोइराला

3 वर्ष पहले
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  • मनीषा के साथ सोनल मानसिंह, माधवी मेनन और जर्मेन ग्रीर भी मौजूद रहीं

जयपुर. यहां लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन के फर्स्ट सेशन \'न्यू काइंड ऑफ ब्यूटी\' में पैनल डिस्कशन हुआ। इसमें एक्ट्रेस मनीषा कोइराला, सोनल मानसिंह, माधवी मेनन और जर्मेन ग्रीर मौजूद रहीं। इस दौरान मनीषा ने कॉस्मेटिक सर्जरी पर बात करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ने के बाद हमेशा खूबसूरत दिखना बोझ बन गया था। 

 

कोइराला ने कहा कि आपकी आर्ट और पर्सनेलिटी ही सबसे बड़ी खूबसूरती के रूप में सामने आनी चाहिए। लेकिन सोशल मीडिया और सेलेब्स के जरिए खूबसूरती के कुछ मायने निर्धारित कर दिए हैं। यही कारण है कि आजकल इतनी कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई जा रही है।

 

मनीषा ने कहा कि एक बार एक फैन ने कहा कि आप स्किन क्लिनिक में क्यों नहीं जाते हो? इसके बाद जिज्ञासा हुई तो स्किन क्लिनिक के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि 12 से 18 साल के बच्चे भी कॉस्मेटिक सर्जरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वे खूबसूरती के उन मायनों में फिट बैठ सकें जो बहुत डरावने हैं। 

 

\'बचपन में कभी अहसास नहीं हुआ कि खूबसूरत हूं या नहीं\'

मनीषा ने कहा- बचपन में मुझे इस बात का अहसास नहीं था कि मैं खूबसूरत हूं या नही। किसी ने मुझे बताया ही नहीं। मैं एक बास्केटबॉल प्लेयर रही हूं। क्लासिकल डांस भी सीखा। इसके कारण साधारण तरीके से रहती थी। मैं एक टॉम बॉय की तरह थीं। इसके बाद मैं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी।

 

कोईराला कहती हैं, फिर लोग मुझे कहने लगे कि आप खूबसूरत हैं, फोटजनिक हैं। तब इस बात का अहसास हुआ। इंडस्ट्री में मुझे हमेशा खूबसूरत दिखना पड़ता था, जो बोझ बन गया। शूटिंग खत्म होने के बाद पूरा मेकअप उतारकर मुझे अपने असली रूप में रहना पसंद हैं।

 

मनीषा ने कहा कि साइज जीरो या पतले दिखने का कंसेप्ट सिर्फ मार्केटिंग है। इसे मीडिया ने बढ़ावा दिया। लोग सिर्फ वैसा करना चाहते हैं जो मॉडल और एक्ट्रेस कर रहे हैं। इसके साथ ही मार्केट में मिलने वाले खिलौनों के जरिए भी हम बच्चों को बचपन में बता देते हैं कि खूबसूरती क्या है।