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शहीद ने पिता से किया था वादा कि 13 जून को चलूंगा यहां से, किया पूुरा लेकिन तिरंगे में लिपट कर आया शव

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 08:34 AM IST

जम्मू कश्मीर में सीमा पर पाक की फायरिंग में शहीद, एक माह पहले जन्मे बेटे का चेहरा भी नहीं देख सके

हरसौरा पुलिस थाने में शहीद का शव। हरसौरा पुलिस थाने में शहीद का शव।

अलवर (जयपुर). 28 वर्षीय बीएसएफ जवान हंसराज गुर्जर मंगलवार रात जम्मू-कश्मीर के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान से हुई फायरिंग में शहीद हो गए। बीएसएफ की 62वीं बटालियन के साथ तैनात हंसराज गत माह एक बेटे के पिता बने थे और पहली बार उसे देखने 15 जून को घर आने वाले थे। बुधवार रात करीब 11.30 बजे उनका शव हरसौरा पुलिस थाने लाया गया। यहां से सुबह 8 बजे शव शहीद के गांव मुगलपुरा पहुंचा, जहां पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। परिवार मे खुशी का माहौल था...

- किसान रामेश्वर गुर्जर का बेटा हंसराज 2011 में बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे और रामगढ़ सेक्टर में तैनात थे। जहां मंगलवार रात एलओसी पर गश्त के दौरान पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शहीद हो गए।

- शहीद के परिवार में पिता रामेश्वर गुर्जर, माता, पत्नी मंजू तथा चार वर्ष की बेटी अक्षिता और एक माह का अबोध बेटा है।

- बेटे के जन्म को लेकर घर में 15 जून पूजन होना था। जिसको लेकर परिवार मे खुशी का माहौल था।

फैमिली से मिलने आ रहे थे

- कुछ दिन पहले ही परिवार वालों से बातचीत में हंसराज ने कहा कि बेटे को पहली बार देखने आ रहा हूं। इसके लिए छुट्टी मिल गई है। वह 13 जून की रात को रवाना होकर 15 जून तक गांव पहुंच जाएंगे।

- इसी दौरान कुआं पूजन (एक रस्म) का कार्यक्रम भी रखा गया था। छुट्टी आने से पहले हंसराज ने परिवार से जो वादा किया, वो निभाया लेकिन खुशियां लाने के बजाय वे रुलाई लेकर पहुंचे।

- हुआ वही जो उसने कहा, बस हालात बदल गए। नीयति देखिए 13 को रवानगी तो हुई मगर उसके शव की।

- साधारण किसान परिवार मे जन्मा शहीद हंसराज तीन भाईयो में सबसे छोटा है। दोनों भाई खेती करते हैं।

जनवरी में छुट्‌टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे

- एक माह पहले ही उसके आंगन में फिर से किलकारी गूंजी थी। बेटे के जन्म की खबर मिली तो हंसराज पहली बार बेटे का चेहरा देखने आ रहा था। परिवार से बात कर कह दिया था कि 15 जून को पहुंच जाऊंगा, तैयारी रखना, साथ ही कुआं पूजन करा लेंगे। इससे पहले ही मातृ भूमि ने उसे अपनी हिफाजत के लिए पुकारा तो घर निकलने से चंद घंटे पहले भी वह दुश्मनों से भिड़ गया और लड़ते-लड़ते शहीद हो गया।

- हंसराज गत बीते दिसंबर में छुट्टी आया था और जनवरी 2018 में वापस ड्यूटी पर लौट गया। इसके बाद मई में उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया।

सीएम ने जताई संवेदना: सीएम वसुंधरा राजे ने जम्मू-कश्मीर के चार जवानों के शहीद होने पर संवेदना व्यक्त की है। सीएम ने कहा कि जयपुर के असिस्टेंट कमांडेंट जतिंदर सिंह, सीकर जिले के एएसआई रामनिवास, अलवर के कांस्टेबल हंसराज गुर्जर व यूपी के एसआई रजनीश कुमार ने देश की सीमा की रक्षा करते हुए प्राण त्याग कर देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।

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हरसौरा पुलिस थाने में शहीद का शव।हरसौरा पुलिस थाने में शहीद का शव।
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