Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Milk Adulteration Cases Rates Hike In Last Seven Years

7 साल में 6% बढ़ गई दूध में मिलावट, पहले 19% नमूने थे मिलावटी, अब साल का आंकड़ा 25% पहुंचा

सुप्रीम कोर्ट ने दूध में मिलावट रोकने को कहा, लेकिन अफसरों की लापरवाही से बढ़ गई मिलावट।

सुरेन्द्र स्वामी | Last Modified - May 17, 2018, 07:57 AM IST

7 साल में 6% बढ़ गई दूध में मिलावट, पहले 19% नमूने थे मिलावटी, अब साल का आंकड़ा 25% पहुंचा

जयपुर.प्रदेश में दूध में मिलावट रोकने का कड़ा कानून नहीं होने से दूध के कारोबारी बेखौफ होकर मिलावट कर रहे हैं। मिलावट पर सख्ती बरतते हुए इसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को गाइडलाइन जारी की थी। इसके बावजूद अफसरों की लापरवाही के कारण मामले थम नहीं पा रहे हैं। जिस साल सुप्रीम कोर्ट ने यह गाइडलाइन जारी की, उस साल 2011 में प्रदेशभर में लिए गए नमूनों में से 19 फीसदी में मिलावट पाई गई थी। लेकिन पिछले साल के आंकड़े देखें तो हैरान करने वाले हैं।

दूध में सबसे ज्यादा मिलावट गर्मियों और त्यौहारी सीजन में
- 2017 में लिए गए नमूनों में से 25 फीसदी मिलावटी पाए गए। यानि दूध में मिलावट थमने के बजाय सात साल में छह प्रतिशत बढ़ गई। भास्कर ने पिछले 7 सालों के दूध में मिलावट के आंकड़ों का अध्ययन किया तो सामने आया कि साल -2011 से लेकर अब तक मिलावटी दूध के 148 नमूने अनसेफ यानि मानव के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मिले हैं।

- हकीकत यह है कि मुनाफे के लिए दूध में केवल पानी ही नहीं, यूरिया, रिफाइंड ऑयल, कास्टिक सोडा, फॉरेन फैट, स्टार्च, बोरिक एसिड, अमोनियम सल्फेट, नाइट्रेट, हाइड्रोजन पराक्साइड, फार्मेलिन, शुगर, ग्लूकोस, न्यूट्रीलाइजर्स (कार्बोनेट तथा बाइ कार्बोनेट), सेल्यूलोज माल्टोडेक्सिट्रिन तक की मिलावट हो रही है। दूध में सबसे ज्यादा मिलावट गर्मियों और त्यौहारी सीजन में होती है।

मिलावटी दूध से सेहत को यह है नुकसान
- लंबे समय तक केमिकल युक्त दूध पीने से शरीर को नुकसान होता है। एसएमएस अस्पताल के डॉ. एस.एस. शर्मा, डॉ. अजीत सिंह व डॉ. पुनीत सक्सेना के अनुसार डिटर्जेंट मिला दूध शरीर के हड्डी, आंख, लीवर व गुर्दा समेत अनेक अंगों पर असर डालता है। दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए मिलाया जाने वाला दूषित पानी भी शरीर के लिए घातक है।

- इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च नई दिल्ली ने एक रिपोर्ट में कहा है कि डिटर्जेंट के कारण फूड पॉइजनिंग शरीर का पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। इसके अलावा दूध में मिलावट के कारण हृदय रोग व कैंसर हो सकता है। - शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एन.बी.राजोरिया के अनुसार दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए मिलाया जाने वाला दूषित पानी बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर डालता है। केमिकल वाले दूध से उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

तीन बार सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए निर्देश

- सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2011, दिसंबर 2014 व अगस्त -2016 को मामले की सुनवाई के दौरान आदेश जारी कर केन्द्र व राज्य सरकारों को मिलावटखोरी के लिए कानून को सख्त बनाने व जारी गाइडलाइन की पालना के लिए कहा था।
- यूपी, ओडीशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने धारा 272 में बदलाव कर उम्रकैद सजा का प्रावधान किया है। अन्य राज्यों को भी कानून में इस तरह का बदलाव करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दूध में मिलावट की हालत चिंताजनक है। राज्य सरकार डेयरी मालिक, डेयरी ऑपरेटरों और विक्रेताओं को सूचना दें कि अगर दूध में कीटनाशक, कास्टिक सोडा जैसे केमिकल पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ये करना था
- मिलावट संबंधी जानकारी और शिकायत के लिए वेबसाइट और उसमें अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर मुहैया कराना।
- आमजन की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराना।
- मिलावट करने वाले वाले हाई रिस्क क्षेत्रों की पहचान कर रोकना।
- स्टेट और जिला स्तर पर जांच करने वाली लैब संसाधनों से लैस, प्रशिक्षित स्टाफ तथा माइक्रोबायोलोजिस्ट की जांच सुविधा।
- स्टेट फूड सेफ्टी सैल, जिला स्तर पर दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच के कारगर उपाय।
- औचक निरीक्षण के लिए मोबाइल वैन तथा मिलावट रोकने के लिए जागरूक करना।
- स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में कार्यशाला आयोजित कर मिलावट का पता लगाना।
- समय-समय पर स्नैप शार्ट सर्वे।
- दूध में मिलावट रोकने के लिए महाराष्ट्र की तर्ज पर मुख्य सचिव या डेयरी विकास सचिव की अध्यक्षता में और जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन।

- चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के मुताबिक, दूध में मिलावट रोकने के लिए महाराष्ट्र की तर्ज पर राजस्थान में कानून लागू करने के लिए विशेषज्ञों से राय लेकर अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद ही निर्णय लेंगे। सु्प्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की पालना होगी।

- स्टेट नोडल अधिकारी (फूड सेफ्टी) डॉ.सुनील सिंह के मुताबिक, केन्द्र सरकार से फूड सेफ्टी ऑन व्हील मिल चुकी है, जिससे दूध में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई में मदद मिलेगी। दूध में मिलावट के सबसे ज्यादा मामले जयपुर, अलवर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, भरतपुर व धौलपुर से हैं।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 7 saal mein 6% bढ़ gayi dudh mein milaavt, pehle 19% nmune the milaavti, ab saal ka aankड़aa 25% phunchaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
Reader comments

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×