राज्य सूचना आयोग / 13 हजार से ज्यादा प्रकरण पेंडिंग, 6 माह बाद की मिल रही है सुनवाई की तारीख



राज्य सूचना आयोग। राज्य सूचना आयोग।
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राज्य सूचना आयोग।राज्य सूचना आयोग।

  • मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्त का एक पद रिक्त

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2019, 02:44 AM IST

जयपुर. राज्य सूचना आयोग में अपीलों से संबंधित 13 हजार से अधिक प्रकरण पेंडिंग होने की वजह से लोगों को न समय पर सूचना मिल पा रही है न ही उन अफसरों पर कार्रवाई हो रही है जो सूचना के अधिकार के तहत सूचनाएं दे नहीं रहे हैं। अकेले जयपुर में अप्रेल से 3818 अपीलें पेंडिंग है। क्योंकि, सबसे अधिक सरकारी दफ्तर यहीं है। पेंडेंसी बढ़ने की वजह, मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के एक पद पर नियुक्ति नहीं होना है। इसका असर यह हो रहा है कि लोगों को अपीलों की सुनवाई के लिए छह से सात महीने बाद तक की तारीख मिल रही है। 


राज्य सूचना आयोग में मुख्य आयुक्त और 4 आयुक्त हैं। मुख्य सूचना आयुक्त सुरेश चौधरी के गत 25 दिसंबर और सूचना आयुक्त चंद्रमोहन मीणा के गत 10 अप्रेल से रिटायर होने के बाद से यह दोनों पद रिक्त है। इस वजह से आयोग में तीन आयुक्त काम कर रहे हैं। आयोग में सुनवाई का कार्य विभाजन जिलावार बंटा हुआ है। इसलिए, जयपुर जिले में सबसे अधिक पेंडेंसी है। क्योंकि,  जयपुर जिला मुख्य सूचना आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकारी महकमों के लिहाज से जयपुर जिला ही सबसे ज्यादा मह्त्वपूर्ण है। यहीं सबसे अधिक सूचनाएं मांगी जा रही है। 


ऐसे तो 2021 तक मिलेंगी सूचनाएं
आरटीआई कार्यकर्ता प्रकाश शुक्ला का कहना है कि अपीलों की संख्या बढ़ने और सुनवाई की तारीख छह से सात महीने बाद की मिलने से सूचनाएं मिलने में देरी होगी। यहीं स्थिति रही तो कई प्रकरणों में तो सूचना के लिए वर्ष 2021 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में आरटीआई का कोई महत्त्व नही है। लोग कागज लेकर घूम रहे है। जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे लोग परेशान है।

 

जून-जुलाई महीने की मिल रही है सुनवाई की तारीख
एडवोकेट संतोष जैमन का कहना है कि मुख्य सूचना आयुक्त का पद रिक्त होने से पहले ही उनके कार्य क्षेत्र का विभाजन मौजूदा सूचना आयुक्तों को कर दिया जाता तो पेंडेंसी इतनी नहीं बढ़ती। नवंबर में जो मामले आ रहे है उनकी जून-जुलाई की तारीख मिल रही है। 

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