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राजस्थान / अन्नकूट का प्रसाद खाकर 600 से ज्यादा लोग बीमार, 80 भर्ती



डाबड़वास गांव में अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का गांव के स्कूल में बने कैंप में इलाज करती मेडिकल टीम। डाबड़वास गांव में अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का गांव के स्कूल में बने कैंप में इलाज करती मेडिकल टीम।
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डाबड़वास गांव में अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का गांव के स्कूल में बने कैंप में इलाज करती मेडिकल टीम।डाबड़वास गांव में अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का गांव के स्कूल में बने कैंप में इलाज करती मेडिकल टीम।

  • अलवर के डाबड़वास गांव में फूड प्वाॅइजनिंग से सैकड़ों बीमार, मेडिकल टीमें जांच में जुटीं
  • दूसरे मामले में आंतरसोबा गांव में नमकीन खाने से 47 बच्चों की तबियत बिगड़ी

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 01:11 AM IST

मांढ़ण (अलवर). नीमराना क्षेत्र के ग्राम डाबड़वास में गोवर्धन पर गांव के बाबा रामशरण मंदिर में अन्नकूट का प्रसाद खाकर 600 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। 391 से ज्यादा लोगों को शनिवार रात तक उपचार कर घर भेज दिया गया। एक 8 वर्षीय बालक नितिन को अलवर रेफर किया गया है। वहीं, आंतरसोबा गांव में नमकीन खाने से 47 बच्चे बीमार हो गए। 

 

करीब 80 लोगों को गांव के एयरटेल भारती स्कूल में बनाए कैंप में भर्ती कर 5 मेडिकल टीमें उपचार कर रही हैं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ छबील कुमार का कहना है कि गांव में घर-घर से एकत्र की गई छाछ से कढ़ी-बाजरा का प्रसाद बनाया गया था। छाछ के दूषित होने से लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने की आशंका है। प्रसाद तीन दिन पहले बना था, इसके चलते मेडिकल टीम को सैंपल के लिए मौके पर कुछ नहीं मिला है। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव की आस्था इस मंदिर में होने से करीब तीन हजार लोगों के लिए अन्नकूट का प्रसाद बना था। लगभग सभी ने मंदिर में प्रसाद खाया था। इसके बाद रात होते-होते प्रसाद खाने वाले ज्यादातर लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। डाबड़वास की पीएचसी पीपीपी मोड़ पर संचालित होती है। इसके कारण घटना के बाद न तो पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हुई और न ही अन्य संसाधन मिले। इसके चलते शुरुआती 24 घंटे में मरीजों को समुचित उपचार ही नहीं मिला।

 

ग्रामीणों को फूड प्वाइजनिंग के चलते उल्टी, दस्त, पेट दर्द एवं बुखार की शिकायत है। अन्नकूट के प्रसाद को प्राथमिक कारण माना जा रहा है। मरीजों के उपचार के लिये चिकित्सक टीमें लगी हुई। हालात पूरी तरह काबू में है।  - डॉ. पूरणमल मीणा, ब्लॉक सीएमएचओ शाहजहांपुर।

 

दूसरे मामला डूंगरपुर क्षेत्र के आंतरसोबा गांव का है। एक साथ 47 बच्चों के बीमार पड़ने से अफरातफरी मच गई। बच्चों को नमकीन गांव में एक लोकाचार में बांटी गई थी। नमकीन खाते ही सबके पेट में दर्द, ऐंठन और उल्टियों की शिकायत होने लगी। जांच के लिए पहुंची टीमों ने भी प्रथम दृष्टयां नमकीन खाने से ही बच्चों के बीमार होने की बात कही है।

 

बताया जाता है कि आंतरसोबा गांव में शुक्रवार को शांतिलाल अहारी के बेटे हाजा (29 अक्टूबर को मौत) पर लोकाचार का कार्यक्रम था। लोकाचार में आने वाले सभी लोगों को बांटने के लिए परिवार ने डेढ़ क्विंटल नमकीन खरीदी थी। लोगों को यहीं नमकीन बांटी गई, जिसे कई लोगों ने पैकेट बनाकर अपने साथ घर लेकर गए और फिर बच्चों को दे दिया।

 

यह नमकीन बच्चों ने खाई और इसके बाद रात 8.30 बजे से बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। रात करीब 10 बजे से बीमार बच्चों को अस्पताल लाना शुरू हो गया। शनिवार शाम तक कई बच्चों की हालत में सुधार होने पर उनको छुट्टी भी दे दी गई।

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