कर्नाटक / कुमारस्वामी लोगों को भड़का रहे, पॉन ब्रोकर मदद के लिए सांसद के पास पहुंचे



सांसद को अपनी पीड़ा बताते राजस्थानी। सांसद को अपनी पीड़ा बताते राजस्थानी।
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सांसद को अपनी पीड़ा बताते राजस्थानी।सांसद को अपनी पीड़ा बताते राजस्थानी।

  • राजस्थान के कारोबारियों के लिए कर्नाटक का नया कानून बना बड़ी मुसीबत
  • जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत से मिले पॉन ब्रोकर, बताई पीड़ा, शेखावत ने आश्वस्त किया 

Dainik Bhaskar

Aug 14, 2019, 06:04 AM IST

बैंगलुरू(कर्नाटक) (भंवर जांगिड़). कर्नाटक में सोने के बदल ऋण देने वाले चौदह हजार लाइसेंसी राजस्थानियों में पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने हड़कंप मचा रखा है। दो दिन पहले उन्होंने बैंगलुरू के पैलेस ग्राउंड में बड़ी रैली की, जिसमें लोगों को भड़काया गया कि उन्होंने गरीब-किसानों को राहत देने के लिए ऋण राहत अधिनियम बनाया, मगर येदियुरप्पा सरकार उसे लागू नहीं कर रही है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गांव-गांव में अपने ऑफिस खोले और गरीब-किसानों के ऋण की रसीदें एकत्र कर उनका सोना वापस दिलाने का अभियान चलाए।

 

इस आह्वान के बाद पॉन ब्रोकर्स में भय बढ़ गया और उनका एक प्रतिनिधि मंडल जोधपुर में जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत व पाली सांसद तथा पूर्व विधि राज्य मंत्री पीपी चौधरी से मदद की गुहार लगाने पहुंच गए। मंत्री ने पूरा सहयोग करने आश्वासन दिया और 16 अगस्त को दिल्ली बुलाया है, क्योंकि उसी दिन येदियुरप्पा कर्नाटक में आई बाढ़ का राहत पैकेज लेने जा रहे हैं। सांसद चौधरी ने भी पॉन ब्रोकर्स को आश्वस्त किया है कि वे कर्नाटक हाईकोर्ट में रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगे तथा सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।

 

येदियुरप्पा से मिलेंगे राजस्थानी
कर्नाटक पॉन ब्रोकर्स एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र कुमार के नेतृत्व में पंद्रह कारोबारियों का प्रतिनिधि शनिवार को जोधपुर में जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत व पाली सांसद पीपी चौधरी से मिला। एसोसिएशन के प्रवक्ता भवानीसिंह राजपुरोहित ने बताया कि दोनों नेताओं को ज्ञापन देकर पूरी पीड़ा बताई है। शेखावत ने उन्हें 16 अगस्त को दिल्ली बुलाया है। 
 

नया कानून बना चुनावी मुद्दा 
कुमार स्वामी के पंद्रह विधायक पार्टी छोड़ गए और अयोग्य हो गए। उनकी जगह अब चुनाव होने हैं। कुमारस्वामी ने नए कानून को चुनावी मुद्दा बनाना आरंभ कर दिया है, हर रैली में उसका जिक्र कर रहे हैं। भाजपा की येदियुरप्पा सरकार स्थानीय व राजस्थानी के बीच पशोपेश में है इसलिए उसने अभी पॉन ब्रोकर्स को नोटिस देने आरंभ नहीं किए हैं। कुमारस्वामी यही दबाव बना कर लोगों का समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि गरीब-किसानों का सोना वापस मिले या नहीं मिले, मगर माहौल जरूर बन जाएगा।

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