जयपुर / पुलिस ने घायलाें काे माेबाइल लाैटाए, बरामदगी नहीं दिखाई, 3 दिन बाद भी आराेपी पुलिसकर्मियाें की गिरफ्तारी नहीं



no any police person arrested in zee club and police relation video case
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no any police person arrested in zee club and police relation video case
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  • क्लब-पुलिस की मिलीभगत पकड़ी तो दी थी थर्ड डिग्री, गलती मानी, सुधारी मगर दोषी नहीं पकड़े

Dainik Bhaskar

Jun 17, 2019, 05:25 AM IST

जयपुर. टाेंक राेड़ आश्रम मार्ग के पास अवैध रूप से देर रात तक चलने वाले जी-क्लब और जवाहर सर्किल थाना पुलिस की मिलीभगत का वीडियाे बनाने पर तीन जनाें पर जानलेवा हमला करने वाले पुलिसकर्मियाें के खिलाफ जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने तीन दिन बाद भी गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की है। पुलिस अधिकारियाें ने आराेपी पुलिसकर्मी राजेश, जितेन्द्र और मुकेश काे सस्पेंड करके ही खानापूर्ति कर ली है।

 

घायल विक्रम ने तीनाें पुलिसकर्मियाें पर माेबाइल लूटने का अाराेप लगाया था। लेकिन जांच अधिकारी ने माेबाइलाें काे घायलाें द्वारा दर्ज मुकदमे में बिना बरामदगी दिखाए ही पुलिस कमिश्नर की दखल के बाद पीड़िताें काे लाैटा दिए। जबकि जांच अधिकारी काे लूट के अाराेप में पीड़िताें के माेबाइल फाेन काे बरामदगी में दिखाना चाहिए था। 


पुलिसकर्मियाें से जांच अधिकारी ने अभी तक पूछताछ नहीं की है ना ही पीड़ित हरीश की जेब से निकाली गई 50 हजार रुपए की नकदी के बारे में जांच की। दरअसल तीन दिन पहले पुलिस द्वारा एक शिकायत पर जी-क्लब के खिलाफ काेई कार्रवाई नहीं करने पर हरीश, राहुल और विक्रम क्लब व पुलिस की मिलीभगत के सबूत इकट्ठा करने के लिए क्लब के बाहर गए थे। जहां पर जवाहर सर्किल थाने की चेतक खड़ी थी और क्लब में 4 बजे तक अवैध रूप से शराब पराेसी जा रही थी। तीनाें ने वीडियाे बनाना शुरू किया ताे चेतक में तैनात पुलिसकर्मी राजेश, जितेन्द्र और मुकेश ने डंडाें से जानलेवा हमला कर दिया था। इससे हरीश के जबड़े में चाेट अाई थी। जबकि राहुल का हाथ टूट गया था अाैर विक्रम का सिर फुट गया था। 

सुबह 3 बजे तक क्लब चलता रहा और आबकारी इंस्पेक्टर खानापूर्ति करके लाैटे

कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी सिटी रेखा माथुर ने शनिवार काे जी-क्लब देर रात तक चलने की सूचना पर इंस्पेक्टर उमेश गुप्ता काे कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इस संबंध में उमेश गुप्ता का कहना है कि वह क्लब जांच करने पहुंचे थे। लेकिन क्लब देर रात तक नहीं चल रहा था। क्लब के पास लाइसेंस है, लेकिन गेस्ट काे ही 24 घंटे तक शराब सर्व की जा सकती है। जबकि क्लब का बार शनिवार देर रात 3 बजे तक चल रहा था। क्लब ने इसके फाेटाेज भी साेशल मीडिया पर शेयर किए है। आबकारी विभाग की टीम क्लब में खानापूर्ति करके ही वापस लाैट गई। एेसे में अाबकारी विभाग के अधिकारियाें की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हाेने लगे है।

 

थाने में डिस्काे बार की शिकायत की ताे पुलिसकर्मियाें ने मैनेजर काे नंबर दे दिए
पांचबत्ती के पास चल रहे डिस्काे बार से पुलिस की मिलीभगत भी सामने आई है।  पांच बत्ती के पास एलअाईटी नाम से डिस्काे बार था। डिस्काे में तेज अावास में म्यूजिक चलाने पर अासपास के लाेगाें ने काेर्ट में पीअाईएल दायर की थी। काेर्ट ने कमिश्नरेट से शपथ पत्र मांगा ताे डिस्काे बार का नाम बदलकर 360 रख दिया लेकिन देर रात बाद भी म्यूजिक बजना बंद नहीं हुआ।

 

स्थानीय निवासी जतिन शर्मा ने विधायकपुरी थाने में शनिवार देर रात डिस्काे में म्यूजिक चलाने पर शिकायत की थी। कुछ देर बाद महेन्द्र नाम के कांस्टेबल ने जतिन काे फाेन किया अाैर कहा कि यहां ताे म्यूजिक नहीं बज रहा है। इसके बाद जतिन के पास डिस्काे बार के मैनेजर ने फाेन पर धमकी दी, कहा- हिम्मत है ताे बंद करके दिखवा दाे। जतिन ने थाने में इसकी भी रिपाेर्ट दी है।

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