एसएमएस अग्निकांड / लाइफ लाइन में शॉर्ट-सर्किट से नहीं लगी आग... घोटाले की थी!



No fire at short-circuit in life line
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No fire at short-circuit in life line

  • 3 जांच कमेटियों में से 2 ने रिपोर्ट दी, दोनों एक-दूसरे से अलग
  • अधीक्षक की कमेटी ने शॉर्ट-सर्किट से आग लगना बताया था, प्रिंसीपल की जांच रिपोर्ट ने दूसरी कमेटी का खंडन किया

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 01:39 AM IST

जयपुर. एसएमएस अस्पताल के लाइफ लाइन में लगी आग संदेह के घेरे मे है। संभव है कि आग लगाई गई है। इसकी किसी एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। एसएमएस अस्पताल की दूसरी कमेटी ने प्रिंसीपल को सौंपी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण नहीं हैं।

 

आग लगने के दौरान धुआं होने और लाइट बंद करने से लाइफ लाइन के आसपास से आने-जाने वालों का पता नहीं लग सका है। लाइफ लाइन स्टोर के पीछे की तरफ कोई कैमरा नहीं होने से भी कोई जानकारी नहीं मिली। कमेटी ने रिपोर्ट में आग के कारणों पर संदेह जताते हुए कहा कि लाइफ लाइन की दवाएं जल चुकी हैं। ऐसे में रिफंड स्टाॅक और बेचे जाने वाली दवाओं का पता लगाना मुश्किल है।

 

हालांकि ड्रग डिपार्टमेंट की टीम इस काम में लगी हुई है और जल्दी ही रिपोर्ट आ जाएगी। इस रिपोर्ट को सीएमओ भेजा जाएगा। हालांकि तय है कि इस मामले में दो डॉक्टर और तीन कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। गौरतलब है कि आग लगने के दूसरे ही दिन भास्कर ने इस संदर्भ में बता दिया था कि आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट कारण नहीं है और लाइफ लाइन पर की गई पेनल्टी ही इस आग की वजह हो सकती है। 
 

अधीक्षक कमेटी की रिपोर्ट-जांच अधिकारी संदेह में 

कमेटी की रिपोर्ट के बाद अधीक्षक द्वारा बनाई कमेटी की रिपोर्ट भी संदेह में है। कमेटी ने आग लगने के महज 28 घंटे में रिपोर्ट सौंप दी थी कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर कमेटी सदस्यों ने ऐसे क्या कारण या वजह देखी, जिनसे शॉर्ट-सर्किट से आग की पुष्टि हुई। 

 

घटना के लिए जो संदेह के घेरे में, उन्हें मिला ‘गिफ्ट’   
लाइफ लाइन में आग लगने के बाद जो फार्मासिस्ट संदेह के घेरे में आए, अस्पताल प्रशासन ने एक बार फिर उन्हें जिम्मेदार पदों पर बिठा दिया है। अस्पताल के 12 फार्मासिस्ट का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर किया गया है। 

 

घटना को लेकर मंत्री की कमेटी की रिपोर्ट बाकी 
घटना के बाद तीन कमेटियां बनाई गई थी। अब चिकित्सा मंत्री की ओर से बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट आना बाकी है। लेकिन सामने आया है कि प्रिंसीपल कमेटी की ओर से बनाई गई रिपोर्ट और मंत्री कमेटी की रिपोर्ट लगभग समान ही हैं।  

 

5 वित्त सलाहकारों वाली हाईपावर कमेटी करेगी जांच
लाइफ लाइन में 5 करोड़ रुपए का घपला सामने आ सकता है। ऐसे में सही वित्तीय जांच के लिए सरकार ने 5 वित्त सलाहकार वाली जांच कमेटी लाइफ लाइन के ठेके और अस्पताल के बीच हुई शर्तों की जांच करेगी।


काम पूरा, कल शुरू होगी लाइफ लाइन

लाइफ लाइन काे 23 नंबर कमरे में शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। स्टॉक मंगा लिया गया है। अगले कुछ दिन में पूरा स्टाॅक आ जाएगा।

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