--Advertisement--

अलवर: अफसर छह महीने से टाल रहे थे, महिलाएं लट्ठ दिखाकर तहसीलदार को लाईं और अतिक्रमण हटवाया

बहरोड़ के भीटेड़ा गांव में प्राचीन मंदिर के रास्ते पर था अतिक्रमण

Danik Bhaskar | Aug 10, 2018, 11:31 AM IST
बहरोड़. तहसीलदार के साथ गाड़ी बहरोड़. तहसीलदार के साथ गाड़ी

बहरोड़ (अलवर). रास्ते से अतिक्रमण हटाने में टालमटोल करने पर भीटेड़ा गांव की महिलाएं बहरोड़ तहसीलदार को लट्ठ दिखाकर जबरन मौके पर ले गईं। रास्ते में वे इधर-उधर न निकल जाएं, इसके लिए उनकी जीप के पीछे और आगे गांववालों की दो गाड़ियां भी लगा दीं। फिर गांव ले जाकर मौके पर पटवारी से पैमाइश करा दी। साथ ही अतिक्रमण हटवाया।

दरअसल, भीटेड़ा गांव में बहरोड़-मांढ़ण सड़क पर शीश वाले बाबा का प्राचीन मंदिर है। इसके सामने एक रास्ता है। इस पर लोगों ने कच्चे और पक्के निर्माण कर लिए थे। छह महीने पहले कोर्ट ने यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया। अफसरों ने सिर्फ जुर्माना लगाया। गांववाले लगातार अफसरों से कार्रवाई करने की गुहार लगाते रहे। लेकिन वे सिर्फ तारीख पर तारीख देते रहे। सुनवाई नहीं हुई तो गांव के गुस्साए महिला-पुरुष गुरुवार सुबह लट्ठ लेकर गाड़ियों में सवार होकर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे।

तहसीलदार ने तर्क दिए तो भड़क गईं महिलाएं : तहसीलदार बाबूलाल मीणा ने तब भी टालमटोल की तो महिलाएं भड़क गईं। वे लाठियां दिखाते हुए तहसीलदार को बाहर ले आईं। ग्रामीणों के तेवर देख तहसीलदार ने गाड़ी निकलवाई और पटवारी को साथ लेकर उसमें बैठ गए। चालक की जगह पटवारी बैठा तो महिलाओं को शक हो गया कि संभवत: तहसीलदार रास्ते में बचकर निकलना चाहते हैं। यह देख महिलाएं लाठियां लेकर उनकी सरकारी गाड़ी में बैठ गईं और साथ चलने पर अड़ गईं। बाकी महिलाएं दो वाहनों में तहसीलदार के वाहन के आगे और पीछे थीं। इसके बाद गांव में रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कराई गई।