- दिल्ली-बांदीकुई रेल मार्ग पर बांदीकुई से करीब पांच किलोमीटर आगे टूटी थी पटरी
- आधे घंटे में पहुंची रेलवे की तकनीकी टीम, 20 मिनट में रिपेयर कर ट्रेन की रवाना किया
Dainik Bhaskar
Sep 02, 2019, 03:50 PM ISTबांदीकुई (दौसा). यहां दिल्ली-बांदीकुई रेल मार्ग पर सोमवार को एक ग्रामीण की समझदारी और तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। बांदीकुई के पास कौलाना में पटरी में फ्रैक्चर देखकर ग्रामीण कजोड़मल शर्मा लाल कपड़ा लहराता हुआ ट्रेन की ओर दौड़ा। ग्रामीण को देखकर ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगा दिए। इसके बाद तुरंत रेलवे के अधिकारियों को ट्रैक फ्रैक्चर होने की सूचना दी गई। करीब 20 मिनट में रेलवे की टीम ने पटरी को दुरस्त किया। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
जानकारी के मुताबिक, जैसलमेर-दिल्ली इंटरसिटी बांदीकुई स्टेशन से दिल्ली की तरफ रवाना हुई। बांदीकुई से करीब पांच किलोमीटर आगे पटरियों के पास ग्रामीण कजोड़मल ने पटरी में फ्रैक्चर देखा। कजोड़ को पता था यह टाइम ट्रेन के आने का है। तभी उसे सामने से ट्रेन आती देखी।
महिला से चुनरी मांगी और ट्रेन की तरफ दौड़ लगा दी
ट्रैक के किनारे एक महिला भी थी। एकाएक ट्रेन को देखकर ग्रामीण को कुछ नहीं सूझा। उसने तुरंत महिला से लाल रंग की चुनरी मांगी और उसे लेकर जिस तरफ ट्रेन आ रही थी, उसी ओर दौड़ लगा दी। ट्रेन ड्राइवर की नजर जब हाथ में लाल कपड़ा लिए दौड़ते ग्रामीण पर पड़ी तो उसने तुरंत ब्रेक लगा दिए। इससे ट्रेन फ्रैक्चर वाले स्थान से थोड़ी दूरी पहले ही आकर ठहर गई। ग्रामीण ने करीब 200 मीटर तक दौड़ लगाई।
15 एमएम का था फ्रैक्चर
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण पटरियों में फ्रैक्चर होते हैं। यह फ्रैक्चर 15 एमएम का था।
रिपोर्ट व फोटो : अनिल भट्ट, लोकेश पाठक
