हकीकत / अंगदान कर राजस्थान का मान बढ़ाने वाले सभी 35 गरीब, ये दान किसी रईस ने नहीं किया

4 साल में जिन्होंने अंगदान कर दूसरों को जिंदगी दी, उनमें 26 की आर्थिक हालात बेहद खराब, 8 मध्यमवर्गीय परिवारों से, किसी के परिवार की वार्षिक आय 4.50 लाख से ज्यादा नहीं

फाइल फोटो फाइल फोटो
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Dainik Bhaskar

Jan 25, 2020, 12:53 AM IST

जयपुर (संदीप शर्मा). राजस्थान काे अंगदान में गौरवान्वित करने वाले दानियों में वह तबका है, जिनकी आर्थिक स्थिति भले अच्छी ना हो, लेकिन इऩ्होंने अपने अंग देकर दूसरों को जिंदगी दान दी है। वर्ष 2015 से आज तक अंगदान करने वाले 35 में से 26 की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। बाकी के पूरे घर की कमाई 4.30 लाख से ज्यादा नहीं।

डॉक्टर्स, अंगदान मुहिम से जुड़े लोगों ने सभी उम्र और हर वर्ग के ब्रेनडेड के परिजनों से समझाया, मगर पढ़े लिखे और धनाढ्य वर्ग ने कभी अंगदान नहीं किया। डॉक्टर्स और अंगदान से जुड़े लोगों ने इसके पीछे काफी वजह बताई। किसने, कितने अंगदान किए और उनकी आर्थिक स्थिति क्या है, इस पर भास्कर विशेष।

ये हैं राजस्थान के सबसे अमीर

  • 2015: मोहित, राधारानी, निर्मला मेहता, किशन सिंह, जगन सिंह, राजू लुहार, मनपाल, ओमप्रकाश ने।
  • 2016: में कमला देवी, पीयूष बंजारा, इंद्रा, नवीन कुमार, सुनील ने अंगदान किया।
  • 2017: में दीपक धानका, राजेन्द्र कुमार, स्वाति खांडल, महेन्द्र कुमार विजय, दीप्ति गुप्ता, दीक्षांत ठंडानी, मनन जैन, लाली देवी मीणा, रूपेश शर्मा ने अपने अंग दिए। 
  • 2018: पवन कुमार पांचाल, अनिता, राजेन्द्र, कुशाल कुमार ने अंगों का दान किया। 
  • 2019: अक्षय कुमार, घनश्याम कोली, पूजा कुमारी, हरीश, जितेन्द्र और सांवरमल।

जानिए, कैसे मिलता है आर्गन, कब आता है नंबर

जिस भी मरीज को जरूरत है, उसका राजस्थान नेटवर्क फॉर आर्गन शेयरिंग के तहत वेब रजिस्ट्री कराई जाती है। इस रजिस्ट्री के तहत जब भी कैडेबर डोनर आता है, नंबर के अनुसार रिसिपिएंट को आर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बुलाया जाता है। यदि इस डोनर और रिसिपिएंट का ब्लड ग्रुप या अन्य क्रासमैच नहीं होते हैं तो अगले रिसिपिएंट को कॉल किया जाता है। सबसे पहले राज्य, देश और फिर अन्य देशों के रिसिपिएंट को बुलाया जाता है।

राज्य में 30 हजार से अधिक को तो किडनी की जरूरत

केन्द्र ने आंकड़ों में देश में डेढ़ लाख लोगों को किडनी की जरूरत बताई है। जबकि हकीकत में यह आंकड़ा काफी कम है। राजस्थान में ही 30 हजार से अधिक मरीजों को किडनी की जरूरत है। ऐसे में देश की बात करें तो यह संख्या 3 लाख से अधिक हो जाती है। इसी तरह सवा लाख लोगों को लिवर की जरूरत बताई गई है जबकि प्रदेश में ही 25000 मरीजों को लिवर की जरूरत है। 14000 से अधिक को हार्ट की जरूरत है। (जैसा कि लिवर सर्जन डॉ. अजय शर्मा, किडनी ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉ. धनंजय अग्रवाल ने बताया।)

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