राजस्थान / पीएम कहते हैं एनआरसी पर कोई चर्चा ही नहीं और गृहमंत्री कह रहे पूरे देश में लागू करूंगा: सीएम गहलोत

रविंद्र मंच पर मीडिया से बातचीत करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविंद्र मंच पर मीडिया से बातचीत करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
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रविंद्र मंच पर मीडिया से बातचीत करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोतरविंद्र मंच पर मीडिया से बातचीत करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

  • गहलोत ने कहा- प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान में इतना बड़ा फर्क नहीं होना चाहिए
  • NRC को लेकर देश चिंतित, पीएम से आग्रह है कि आश्वासन दें कि यह लागू नहीं होगी

दैनिक भास्कर

Dec 28, 2019, 11:11 AM IST

जयपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि एनआरसी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के वक्तव्य में इतना बड़ा फर्क नहीं होना चाहिए। इनमें रात और दिन का फर्क है। एक (पीएम मोदी) कहते हैं एनआरसी के पर कोई चर्चा ही नहीं है सरकार में, कब लागू हो रही है एनआरसी, जैसे उनको पता ही नहीं है और गृहमंत्री चिल्ला-चिल्लाकर बोल रहे थे कि चार महीने से हर राज्य में पूरे देश में लागू करके रहूंगा। 

अब डिफेंस में रोजाना सफाई दे रहे है, डैमेज कंट्रोल कर रहे है: गहलोत

शुक्रवार को रविंद्र मंच के सभागार में राष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ भारतीय महिलाओं के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद मीडिया से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रेस से मुखातिब हुए। गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि पार्लियामेंट के फ्लोर पर आप बताइए ऐसा हुआ है कभी आज तक? मैं आश्चर्य कर रहा हूं क्या हो रहा है देश के अंदर। अब जाकर डिफेंस में आए हैं तो रोज सफाई दे रहे हैं, डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा-कोई गैर कानूनी ढंग से देश में घुस जाए तो उनके ऊपर कार्रवाई करो

 गहलोत ने कहा कि इनका एजेंडा क्या है? मैंने शुरू में कहा ना एनआरसी ना सीएए ये प्रेक्टिकल नहीं है। प्रेक्टिकल है ही नहीं। हां कोई मान लीजिए ऐसे लोग घुस गए हैं देश के अंदर इललीगल तरीके से तो आप उनके ऊपर कार्रवाई करो। पूरा मुल्क आपके साथ में खड़ा रहेगा। यह तो समझ में आने वाली बात है। लिमिटेड सर्वे भी हो सकता है उसका, पर आपने एनआरसी लागू कर दिया असम के अंदर। एक हजार 600 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।

गहलोत ने उठाए एनआरसी प्रोसेस पर सवाल: कहा- कुछ लोग पैसे देकर बच गए होंगे

सीएम गहलोत ने कहा कि एक हजार 600 करोड़ रुपए तो ऑफिशियली बता रहा हूं आपको पता नहीं कितने पैसे खर्च हुए होंगे और आपको मिला क्या। 19 लाख में से 16 लाख हिन्दू मिल गए। सब गरीब लोग हैं चाहे हिन्दू हो चाहे मुसलमान। पैसे वाला उनको पूछो असम में कोई बंगले वाले हैं वो एक भी 19 लाख में है क्या। इसके मायने जो गरीब आदमी है जो कच्ची बस्ती में रहता है। झोपड़ी में रहता है उसके पास दस्तावेज नहीं होते हैं बाप-दादाओं के। आपने उन्हें खड़ा कर दिया। कुछ लोग पैसे देकर बच गए होंगे। कितने परेशान हुए लाइनों में लगे वो भी।

वो चाहते है कि पूरा देश भुगते। आपकी जी-हुजूरी करें। आपसे भीख मांगे

मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत बोले की नोटबंदी की लाइनों की तरह और वहां तो पैसे जमा कराने की बात तो यहां डॉक्यूमेंट पूछ रहे थे और ज्यादा जानकारी मांग रहे थे। कितनी तकलीफ हुई उन लोगों को। आज पूरा असम जो ज्यूरी बैठी हुई है दिल्ली के अंदर सात लोगों की। वो सब मानते हैं कि असम की जनता अवसाद में है। हमारे जो लोग मिलने आते हैं वो लोग ये बात बताते हैं अवसाद के अंदर है। वहां की जनता कितनी भुगत रही होगी। इस एनआरसी के पूरे प्रोसेस को।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से उस चिंता को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए

अब वो (मोदी-शाह) चाहते हैं कि पूरा देश भुगते। आपकी जी-हुजूरी करें। आपसे भीख मांगे अपनी भारतीयता सिद्ध करने के लिए। क्या चाहते हैं ये लोग इसलिए आज लोग सड़कों पर क्यों आए हैं वो समझते हैं ये लोग क्या करना चाहते हैं आज पूरा मुल्क चिंतित है। मैं आग्रह करूंगा इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से उस चिंता को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए। मन की बात तो तब होगी जब मन की बात इस पर करोगे, स्पष्ट आश्वासन दोगे देश को। एनआरसी लागू नहीं होगी देश में कोई चिंता करने की बात नहीं है।

सवाल: पीएम ने अरबन नक्सली कहा है, देश में आवाज उठाने वालों को
जवाब: वो तो अरबन नक्सली कह सकते हैं क्योंकि प्रधानमंत्री जी है। वो खान मार्केट की कौनसी गैंग बना रखी है। क्या गैंग थी पता नहीं। टुकड़े-टुकड़े गैंग ये शब्दावली कहां से लाते हैं तो मेरे को जानकारी नहीं है।

सवाल: कोटा वाले मामले आप क्या कहेंगे
जवाब:
कोटा वाले मामले में हमने भेज दिया है प्रिसिंपल सैकेट्री मेडिकल को और अभी एसएमएस के और डॉक्टर जा रहे हैं वो पता करेंगे क्या स्थिति बनी, क्यों ऐसी खबरें आई।

सवाल: पंचायत चुनाव की आचार संहिता लग गई हैं
जवाब:
देखिए जनता की जो आशाएं अपेक्षाएं हमसे है उनको पूरा करने के लिए हम लगे हुए है। और बाकी जो जनता फैसला देती है वो हमारे लिए शिरोधार्य होता है, हमेशा। अभी नगर निकाय के चुनाव हुए फैसले दिए हमारे पक्ष में हम आभारी है कि हम पर विश्वास किया। उम्मीद है कि पंचायत राज के अंदर भी जनता का मेंडेट कांग्रेस को मिलेगा।

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