आदेश / पुलिसकर्मी खुद नहीं रोकेंगे बजरी वाहन, जांच में सामने आया कि आईपीएस अजय को वसूली का पता था



Police personnel will not stop the gravel vehicles themselves
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Police personnel will not stop the gravel vehicles themselves

  • बजरी माफिया से वसूली मामला, साख बचाने की कवायद में जुटा पुलिस विभाग
  • जयपुर में राेज 500 से ज्यादा ट्रक व ट्रैक्टर-ट्राॅली आते हैं, 5 हजार रुपए प्रति वाहन तक वसूलते हैं

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 03:19 AM IST

जयपुर (ओमप्रकाश शर्मा). प्रदेशभर में बजरी माफियाओं से वसूली काे लेकर हाे रही बदनामी से पुलिस काे बचाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किया है कि अब थानाें में तैनात पुलिसकर्मी अब खुद के स्तर पर बजरी से भरे वाहनाें काे नहीं राेकेंगे।

 

आदेश में कहा गया है कि बजरी से भरे वाहनाें काे पुलिसकर्मी तभी राेकेंगे, जब खान विभाग के अधिकारी उनकाे साथ लेकर जाएंगे। इस आदेश के बावजूद भी इस संबंध में शिकायत मिली ताे संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, बजरी में अवैध वसूली मामलाें काे लेकर एक-दूसरे पर आराेप लगाने वाले धाैलपुर के तत्कालीन एसपी अजय सिंह और सीओ सिटी दिनेश शर्मा के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच में दाेनाें की भूमिका संदिग्ध मिली है।

 

जांच में सामने आया है कि दाेनाें काे ही थाना प्रभारियाें द्वारा वसूली की जाने और बजरी से भरे वाहनाें के परिवहन की जानकारी थी, लेकिन उन्हाेंने कार्रवाई नहीं की। विजिलेंस के अधिकारियाें ने प्रकरण की जांच पूरी कर ली है और जल्द ही यह रिपाेर्ट डीजीपी काे साैंपी जाएगी।


पड़ताल में सामने आया कि जयपुर में राेजाना बनास और मासी नदी से 500 से ज्यादा ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राॅली बजरी से भरकर आते हैं। इस दाैरान बजरी माफियाओं काे कई पुलिस थाना इलाकाें से गुजरना पड़ता है। पिछले दिनाें एसीबी हुई एसीबी की कार्रवाईयाें में पुष्टि हाे चुकी है कि पुलिसकर्मी बजरी से भरे ट्रक से 5 हजार रु. और ट्रैक्टर-ट्राॅली से 3 हजार रु. की वसूली की जाती है।

 

अजयसिंह पर आरोप लगाने वाले सीओ सिटी भी बराबर के दोषी
विजिलेंस की रिपाेर्ट मिलने के बाद उसे विभागीय कार्रवाई केे लिए गृह विभाग काे भेजा जाएगा। अब आईपीएस अजय सिंह के अलावा दिनेश शर्मा की मुसीबत बढ़ना तय है। धाैलपुर के दाे इंस्पेक्टर व एक एएसअाई काे 16 सीसीए, जबकि अन्य अफसराें के खिलाफ 17 सीसीए के तहत कार्रवाई संभव है।

 

धौलपुर पुलिस ने कराई थी किरकिरी
धौलपुर के तत्कालीन सीओ सिटी दिनेश शर्मा ने तत्कालीन एसपी अजय सिंह की शह पर वसूली हाेने का आराेप लगाया था। शर्मा पर भी ऐसे ही आरोप लगे। मामला सरकार तक पहुंचा। इसके बाद 38 आईपीएस की तबादला सूची जारी हुई। अजय सिंह को हटाकर दिल्ली में आरएसी बटालियन में लगाया। सीओ सिटी शर्मा काे एपीओ किया था।

 

अब तक 20 पुलिसकर्मी गिरफ्तार हाे चुके, 5 फरार हैं
सुप्रीम काेर्ट की ओर से बजरी खनन पर राेक के बाद से प्रदेश में एसीबी अब तक करीब 20 पुलिसकर्मियाें काे बजरी माफियाओं से वसूली के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।

जयपुर : 30 मई काे एसीबी ने ट्रक से 25 हजार की घूस लेते मनाेहरपुरा थाने के कैलाश रैगर काे पकड़ा। तभी से थाना प्रभारी रामसिंह व दो कांस्टेबल फरार हैं।

टाेंक : पीपलू में एक कांस्टेबल व दाे दलाल पीपलू थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह के लिए रिश्वत लेेते पकड़े गए थे, तब से वीरेन्द्र भी फरार हैं।

जाेधपुर : बासनी थाने के एसअाई काे एसीबी ने वसूली करते पकड़ा। तभी से एसएचओ संजय बाेथरा गायब हैं, एक कांस्टेबल ने हाल ही सरेंडर किया है।

 

सीएम और पूर्व डीजीपी भी सवाल उठा चुके
मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने हाल ही में कहा था कि बजरी में ईमानदार अफसर भी शामिल हाे गए। पुलिस मुख्यालय में मीटिंग के दाैरान पूर्व डीजीपी कपिल गर्ग ने भी कहा था कि पूरी पुलिस बजरी में लिप्त हाे गई। बजरी पुलिस के लिए चुनाैती बन गई है।

 

धाैलपुर मामले में विजिलेंस जांच रिपाेर्ट अभी नहीं मिली है। लेकिन अधिकारियाें से बात की है ताे सामने आया कि सभी की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए ताे सभी काे हटाया था। रिपाेर्ट देखने के बाद आगे का निर्णय लेंगे। इस बीच, पुलिस में बजरी से हाे रही वसूली पर अंकुश लगाने के लिए कुछ नए कदम उठाए गए हैं। अब पुलिस खान विभाग की सूचना पर ही बजरी से भरे वाहनाें के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी। पुलिसकर्मी वाहन राेककर वसूली करते हैं ताे कार्रवाई हाेगी। -डाॅ. भूपेन्द्र सिंह यादव, डीजीपी

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