पाेंजी स्कीम घोटाला / एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट के 6 फैकल्टी मेंबर और परिजन भी हुए ठगी के शिकार, शांतिरों ने 1.82 करोड़ रुपए ठगे

एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार
संजीव को फर्म के आम्रपाली सर्किल पर एवरशाइन टावर स्थित ऑफिस में अरुण अग्रवाल से मिलाया। संजीव को फर्म के आम्रपाली सर्किल पर एवरशाइन टावर स्थित ऑफिस में अरुण अग्रवाल से मिलाया।
X
एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमारएलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार
संजीव को फर्म के आम्रपाली सर्किल पर एवरशाइन टावर स्थित ऑफिस में अरुण अग्रवाल से मिलाया।संजीव को फर्म के आम्रपाली सर्किल पर एवरशाइन टावर स्थित ऑफिस में अरुण अग्रवाल से मिलाया।

  • आरोपी इतने शातिर थे कि कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार के नाम पर 7 बैंकों से एक साथ 7 पर्सनल लोन पास करा दिए
  • लोन से मिले 68 लाख रुपए यह कहते हुए ले लिए कि इनकी किश्त तो रिटर्न से ही चुक जाएगी, हर महीने 5-6 हजार बच रहे थे

दैनिक भास्कर

Mar 08, 2020, 08:37 AM IST

जयपुर (योगेश शर्मा). पाेंजी स्कीम में 300 निवेशकाें से 200 कराेड़ की ठगी के मामले में चाैंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ठगाें ने यस बैंक के एसाेसिएट वाइस प्रेसिडेंट और डॉक्टरों के अलावा एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट के 6 फैकल्टी मेंबर और उनके परिजनों को भी अपने जाल में फंसाया था। फैकल्टी मेंबर व उनके परिजनों से 1.82 करोड़ रुपए की ठगी की गई। आरोपी इतने शातिर थे कि कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार के नाम पर 7 बैंकों से एक साथ 7 पर्सनल लोन पास करा दिए। बाद में लोन से मिले 68 लाख रुपए यह कहते हुए ले लिए कि इनकी किश्त तो रिटर्न से ही चुक जाएगी। आरोपियों ने पीड़ित का इस कदर भरोसा जीता कि उसने अपने चेक बतौर सिक्योरिटी अन्य साथियों को सौंप दिए। ठगों के झांसे में आकर संजीव ने मां जय देवी के नाम पर 11 लाख और इंदौर निवासी साली हेमलता कुशवाह से 35 लाख रुपए का निवेश कराया। ठग हर महीने तय समय पर रिटर्न दे रहे थे इसलिए संजीव को कभी शक नहीं हुआ।

मां के नाम पर 11 लाख व साली से भी 35 लाख का निवेश कराया

ठग अमित गौतम कॉलेज में एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैमिस्ट्री फैकल्टी संजीव कुमार के साथ पढ़ा करता था। अमित ने 2015 में उन्हें बताया कि वैभव एंटरप्राइजेज फाइनेंस का काम करती है। फर्म में निवेशकों को 3% मासिक ब्याज देती है। उसने संजीव को फर्म के आम्रपाली सर्किल पर एवरशाइन टावर स्थित ऑफिस में अरुण अग्रवाल से मिलाया। दोनों ने भरोसा दिलाने के लिए अन्य निवेशकों की फाइलें और बांड दिखाए। इस पर संजीव ने एक लाख रुपए का इनवेस्टमेंट कर दिया।

ऐसे जीता भरोसा : 4 लाख चाहिए थे, दो घंटे में दे दिए
ठगों ने हर महीने की पहली तारीख को संजीव को 3 हजार रु. देने शुरू कर दिए। एक शादी में 4 लाख रुपए की ज़रूरत पड़ी तो दो घंटे में उपलब्ध करा दिए। इस तरह संजीव का विश्वास जीत 18 लाख रुपए बतौर निवेश ले लिए। ठगों ने संजीव का भरोसा इतना जीत लिया, उसने रिश्तेदारों से भी निवेश करवाया। इन्दौर निवासी साली हेमलता कुशवाह से 35 लाख और मां जय देवी चौहान से 11 लाख रुपए निवेश कराए।

कम ब्याज का लालच देकर लोन दिलाया

पीड़ित संजीव ने बताया कि लोन फाइल बनाने आए आदमी ने कहा कि जो बैंक कम ब्याज पर ज्यादा रकम देगा उसी का लोन लेंगे। यह कहकर अलग-अलग बैंकों के दस्तावेजों पर साइन कराए। मुझे गड़बड़ी की भनक तक नहीं थी। 

ईएमआई देने के बाद भी 5-6 हजार बच रहे थे

6-7 महीने बाद ठगों ने संजीव का अच्छा वेतन देख मोटी कमाई कराने का झांसा दिया। उन्हें बहलाया कि उनकी फाइल काफी स्ट्रांग है। लोन लेकर निवेश करें तो रिटर्न से ही किश्त चुक जाएगी। अंत में मूल रकम एक साथ उन्हें मिलेगी। संजीव ने हामी भरी तो एक व्यक्ति को उसके पास भेजा। इसने उनसे अलग-अलग बैंकों के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद संजीव के खाते में एक ही दिन में एक साथ 68 लाख जमा हो गए। यह रकम 7 अलग-अलग पर्सनल लोन से जमा हुई थी। इतने बड़े लोन के बारे में पूछा तो बोले- घबराओ मत हमारी बैंकों में सेटिंग है। जितनी बड़ी रकम होगी उतना ही बड़ा रिटर्न मिलेगा। शुरुआत में इएमआई चुकाने के लिए संजीव ने वेतन से कुछ रकम मिलानी पड़ी। बाद में ठग इतना रिटर्न मिला कि ईएमआई चुकाने के बाद भी 5-6 हजार बचने लगे।

इनवेस्टमेंट प्लान बताया तो 5 और फैकल्टी ने भी 50 लाख लगा दिए
ठग अरुण व अमित ने इंस्टीट्यूट जा कर इनवेस्टमेंट प्लान बताया। अन्य फैकल्टी पवन मंत्री, राधेश्याम चौहान, नीरज वर्मा, पंकज बगडिया और राम दाधीच ने वैभव एंटरप्राइजेज में निवेश किया। संजीव के अनुसार सभी ने कुल 50 लाख रुपए इनवेस्ट किए। अरुण ने अपने व संजीव के चैक इन्हें बतौर सिक्योरिटी दिलाए।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना