भास्कर इंपैक्ट / सरकारी स्कूलों में भी शुरू होंगी प्री-प्राइमरी क्लासेज, पहले चरण में 134 मॉडल स्कूलों में मंजूरी



Pre-primary classes will also start in government schools
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Pre-primary classes will also start in government schools

  • शिक्षा संकुल में 6 घंटे तक मंथन, अभी 134 मॉडल स्कूलों में शुरू होंगी यह कक्षाए
  • दैनिक भास्कर ने उठाया था मुद्दा, एक देश-एक विधान शिक्षा में लागू हो

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 11:55 PM IST

जयपुर. प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा में सुधार के लिए भास्कर की ओर से चलाई गई मुहिम के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में आ गया है। दाे दिन पहले ही आगामी सत्र से एनसीईआरटी का सिलेबस लागू करने की घाेषणा कर चुके विभाग की शुक्रवार काे फिर शिक्षा संकुल में बैठक हुई।

 

शिक्षा राज्यमंत्री गाेविंद सिंह डाेटासरा ने छह घंटे तक मंथन के बाद ‘एक देश- एक विधान’ की तर्ज पर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों की तरह प्री प्राइमरी क्लासेज शुरू करने का फैसला लिया। पहले चरण में 134 मॉडल स्कूलों में इसकी मंजूरी मिल गई है। इसके लिए इन स्कूलों में भवन निर्माण का काम चल रहा है। आने वाले दिनों में यह कभी भी शुरू की जा सकती हैं।

 

इनके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्री प्राइमरी के रूप में भी विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। प्रदेश में 37 हजार आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जो स्कूलाें में ही संचालित है या फिर स्कूल के 500 मीटर के दायरे में हैं। शिक्षा विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि इन केंद्रों को किस तरह से प्री प्राइमरी के रूप में विकसित किया जाए। ताकि बच्चों का ना केवल शिक्षा का स्तर सुधारा जा सके। बल्कि बच्चा यहां संस्कारित और शिक्षित भी हो सके।

 

‘दैनिक भास्कर ने 4 सितंबर को एक देश-एक विधान, शिक्षा में भी लागू कीजिए सरकार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके जरिये कहा गया था कि सरकारी और निजी स्कूलों के नीति नियम और पाठ्यक्रम में भेदभाव की धाराएं हटाना जरूरी हैं। इसके बाद सरकार एक्शन में आई। पहले तो सीबीएसई की तर्ज पर राजस्थान में भी एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया। अब प्री प्राइमरी स्कूल खोलने की दिशा में बढ़ी है।


मॉडल स्कूलों में त्रिस्तरीय होगी प्री-प्राइमरी
मॉडल स्कूलों में प्री-प्राइमरी त्रिस्तरीय होगी। इसमें नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सभी कक्षाओं में 15-15 सीटें होंगी। इसके बाद पहली से पांचवी तक कक्षाएं होंगी। इन सभी में 40- 40 सीटें होंगी। वर्तमान में मॉडल स्कूल कक्षा 6 से 12वीं तक संचालित हैं। प्री प्राइमरी में प्रवेश की प्रक्रिया, आयु, पाठ्यक्रम तय करने पर मंथन चल रहा है। 


यह होगा फायदा

वर्तमान में सरकारी स्कूलों में प्रवेश की आयु 5 वर्ष है और निजी स्कूलों में 2 से 3 साल के बच्चे का भी प्रवेश हो जाता है। निजी स्कूल में एक बार प्रवेश पाने के बाद वह बच्चा सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए नहीं आता। इससे सरकारी स्कूलों में नामांकन में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। स्कूलों में प्री प्राइमरी शुरू होने से यहां भी 2 से 3 साल तक के बच्चे का प्रवेश हो सकेगा। इससे यहां नामांकन तेजी से बढेगा। इससे सरकारी स्कूल सुदृढ होंगे।

 

अब पाठयक्रम को लेकर चल रहा मंथन : शिक्षा राज्यमंत्री
प्रदेश के 134 मॉडल स्कूलों में प्री प्राइमरी की मंजूरी दी है। साढ़े 10 करोड रु. स्वीकृत कर दिए हैं। क्लासेज में किस तरह की पाठ्यपुस्तकें शामिल की जाएं, इसको लेकर हम मंथन कर रहे हैं। प्रदेश के 38 हजार इंटीग्रेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्री प्राइमरी की तर्ज पर विकसित करेंगे। आगामी दिनाें में कभी भी शुरू की जा सकती हैं।

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