कार्रवाई / छह लाख के स्वास्थ्य बीमा भुगतान रोकने पर सिक्योरिटी जब्ती की तैयारी, कंपनी को नोटिस

Preparation of security confiscation on stopping health insurance payment of six lakhs, notice to the company
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Preparation of security confiscation on stopping health insurance payment of six lakhs, notice to the company

  •  600 अस्पतालों के 21 दिन से रोके 60 करोड़ के बिल, नए मरीजों पर संकट

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 05:22 AM IST

जयपुर (डूंगरसिंह राजपुरोहित). प्रदेश की आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम के लिए अधीकृत कंपनी न्यू इंडिया एस्योरेंस (एनआईए) ने पिछले 21 दिन से निजी और सरकारी अस्पतालों के बिल रोक रखे हैं। छोटा मोटा नहीं 60 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान नहीं किया। करीब 600 अस्पतालों के 21 दिन से बिल रुकने से सरकार तक हड़कंप मच गया।

6 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य बीमा बिल रुक जाने और अस्पतालों को भुगतान बंद होने से नए भर्ती होने वाले प्रतिदिन करीब 80 हजार लोगों के स्वास्थ्य बीमा के तहत फ्री इलाज का संकट पैदा हो गया। सरकार ने सैकड़ों अस्पतालों से कंपनी की शिकायत पर सोमवार रात आनन फानन में कंपनी को नोटिस दिया। उसे पाबंद किया कि बकाया भुगतान जल्द नहीं किया तो रोकी गए लाखों बिलों की बकाया राशि पर भारी ब्याज चुकाना पड़ेगा। कंपनी की बार बार मनमानी पर उसकी करोड़ों रुपए की सिक्योरिटी राशि भी जब्त करने की तैयारी है।

5वीं बार सॉफ्टवेयर खराबी का बहाना, बिल पास नहीं हुए

सरकार को प्रदेश भर से निजी और सरकारी अस्पतालों ने बताया कि उनके बिल एनआईए ने रोक रखे हैं। 21 दिन से कोई बिल पास नहीं किया। आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य बीमा से जुड़े अफसरों ने फोन किया तो भी कोई जवाब नहीं दिया। इस पर एमडी स्टेट हैल्थ एस्योरेंस नरेश कुमार ठकराल तक बात पहुंची। इस बीच रात को ही कंपनी को तलब कर दिया गया। सामने आया कि कंपनी अब तक पांच बार सोफ्टवेयर खराब होने का कहकर बिल रोक चुकी है। ठकराल को शिकायतें मिली की निजी अस्पताल इसका कारण पूछते तो जवाब मिलता है कि बिलों का पेमेंट नहीं करेंगे। सरकार से कंपनी की बिलों के भुगतान को लेकर लड़ाई चल रही है।  
 

रोज करना होगा 8 करोड़ का भुगतान

600 से ज्यादा अस्पतालों के 21 दिन से सारे बिल रोकने का खामियाजा एनआईए को बकाया राशि के भारी ब्याज के रूप में चुकाना पड़ सकता है। 60 करोड़ रुपए के बिल लगातार रोके जाने और नए भर्ती होने वाले सभी मरीजों के स्वास्थ्य बीमा क्लेम रुक जाने से मंत्री स्तर तक सभी कंपनी से नाराज है। अब कंपनी ने आधी रात को सरकार के नोटिस पर कहा है कि प्रतिदिन 8 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन बताया जा रहा है कि सरकार ने भी पिछले एक साल में कंपनी के 68 करोड़ रुपए के बिल गलत पाए जाने पर भुगतान रोक दिया, जिसको लेकर कंपनी और सरकार के बीच तनातनी साल में चौथी बन सकती है। गौरतलब है कंपनी द्वारा सही बिल पेश नहीं किए जाने से सालभर में सरकार करीब 68 करोड़ के बिल रोक चुकी है। विवाद लगातार जारी है।

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