• Hindi News
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • News
  • Jaipur - 10 करोड़ के बकाया वेतन का निर्णय किए बिना 900 शिक्षकों को हटाने की तैयारी
--Advertisement--

10 करोड़ के बकाया वेतन का निर्णय किए बिना 900 शिक्षकों को हटाने की तैयारी

सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को मर्ज होने का खामियाजा उन वरिष्ठ अध्यापकों को भुगतना पड़...

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 04:11 AM IST
Jaipur - 10 करोड़ के बकाया वेतन का निर्णय किए बिना 900 शिक्षकों को हटाने की तैयारी
सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को मर्ज होने का खामियाजा उन वरिष्ठ अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें कभी शिक्षा का स्तर सुधारने की सरकारी योजनाओं की ब्लॉक लेवल तक मॉनिटरिंग से लेकर प्रशिक्षण का जिम्मा देकर सर्व शिक्षा अभियान में रिसोर्स पर्सन के पद पर प्रतिनियुक्ति पर लगाया था। इनका दो माह का करीब 10 करोड़ रुपए का वेतन अब तक नहीं मिला है, वहीं इनकी प्रतिनियुक्ति रद्द कर वापिस शिक्षा विभाग भेजने की तैयारी पूरी हो गई है। प्रदेश के विभिन्न ब्लॉकों में इनकी संख्या करीब 900 हैं। जिनमें 750 रिसोर्स पर्सन (आरपी), 75 प्रोग्राम असिस्टेंट (पीए) और 75 प्रोग्राम ऑफिसर (पीओ) हैं। इन वरिष्ठ शिक्षकों की परेशानी यह है, अब अगर यह बिना वेतन लिए यहां से रिलीव हो गए तो आगे का वेतन मिलने में भी दिक्कत आ सकती है।

इनका जुलाई और अगस्त का वेतन बकाया चल रहा है। पिछले दिनों एसएसए और आरएमएसए के मर्ज होने के बाद समग्र शिक्षा अभियान का गठन किया गया था। इसमें आरपी, पीए और पीओ के पदों में कटौती की गई थी। इसके बाद यहां इनकी जरूरत नहीं रह गई। इन पदों पर वरिष्ठ अध्यापक रैंक के शिक्षकों को डेपुटेशन पर लगाया जाता है। आरपी का काम एसएसए की योजनाओं की ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग करना, क्रियान्विति कराना, ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित करना और स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने का काम करना था। पीए और पीओ इन कार्यों में आरपी की मदद करते हैं। लेकिन अभी तक इनको दो महीने का वेतन नहीं मिला है। वे इसके लिए अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिली है। अब यहां से वापस मूल विभाग में भेजने की कवायद से इनकी नींद उड़ी हुई है। उनका कहना है कि उनका यहां न केवल दो महीने का वेतन, बल्कि सातवें वेतनमान का एरियर भी बकाया है। इनके भुगतान के बिना यहां से रिलीव होने के बाद यह समस्या रहेगी कि जब सर्व शिक्षा अभियान का ही अस्तित्व नहीं रहेगा तो अपने वेतन-भत्तों की दावेदारी किससे करेंगे।

फैक्ट चैक

सर्व शिक्षा अभियान में रिसोर्स पर्सन के पद पर कार्यरत वरिष्ठ अध्यापकों को वापिस भेजा जा रहा है मूल विभाग में

यह है बकाया वेतन और एरियर का गणित

विभाग के अनुसार वरिष्ठ अध्यापकों को अनुमानित 60 हजार रुपए से अधिक का वेतन मिलता है। इसके हिसाब से देखा जाए तो एक शिक्षक का दो महीने के वेतन करीब 1.20 लाख रुपए से अधिक बकाया चल रहा है। रिलीव होने वाले इन 900 वरिष्ठ अध्यापकों के वेतन की तुलना की जाए तो यह 10.80 करोड़ रुपए होता है। इसमें अगर एरियर की राशि जोड़ी जाए तो यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है।

जब तक इन आरपी को यहां से पूरा वेतन नहीं मिल जाता, इनका पेंशन का अंशदान भी जमा नहीं हो पाएगा। इनकी सर्विस बुक भी यहीं पड़ी रहेगी। इससे डेपुटेशन रद्द होने के बाद मूल विभाग में इनको जहां भी पदस्थापित किया जाएगा, वहां आगे के वेतन में परेशानी होगी। - शशिभूषण शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

योजना में काम कर रहे इन शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जानकारी लेकर इन शिक्षकों को जल्दी से जल्दी बकाया वेतन दिलवाया जाएगा। - वासुदेव देवनानी, शिक्षा राज्यमंत्री

X
Jaipur - 10 करोड़ के बकाया वेतन का निर्णय किए बिना 900 शिक्षकों को हटाने की तैयारी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..