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जयपुर / फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सएप पर प्रचार भी चुनाव खर्च के दायरे में



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  • सोशल मीडिया के ग्रुपों का कलेक्टर की कमेटी से करवाना होगा सर्टिफिकेशन
  • अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किए

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2018, 08:28 PM IST

जयपुर. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए जाने वाला प्रचार भी चुनाव खर्च में शामिल माना जाएगा। चुनाव लड़ने के लिए जो दावेदार फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सअप ग्रुप्स पर प्रचार कर रहे हैं, उन्हें अब निर्वाचन विभाग द्वारा कलेक्टर की अध्यक्षता में बनाई गई समिति से इसका सर्टिफिकेशन करवाना होगा।

 

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी कर बिना सर्टिफिकेशन के प्रसारित किए जा रहे विज्ञापनों पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद बिना सर्टिफिकेशन के कोई भी विज्ञापन फोन, एसएमएस, रिंग टोन अथवा कॉलर टोन की श्रेणी में जारी नहीं किया जाएगा। डॉ. जोगाराम ने बताया कि कोई भी संस्था, दल या व्यक्ति ऐसा करता है तो वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अवहेलना करेगा। ऐसे प्रसारित विज्ञापनों के विरूद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।  

 

निर्वाचन विभाग को इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि टेलीफोन, मोबाइल फोन के जरिए ऐसे विज्ञापन आम जनता के बीच प्रसारित किए जा रहे हैं। रिंगटोन-कॉलर टोन के द्वारा भी कुछ लोग अपना प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापनों के सर्टिफिकेशन के दो मकसद हैं एक तो प्रचार को चुनाव खर्च में शामिल करना और दूसरा प्रचार कंटेंट पर निगरानी रखना ताकि आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो। 

 

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उन्होंन बीएसएलएन के सीजीएम, रिलायन्स टेलीकम्यूनिकेशन, टाटा इण्डिकॉम, वोडाफोन, एयरटेल और एयरसेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बारे में निर्देशित किया है।

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