रेलवे / 30 साल बाद पैलेस ऑन व्हील्स से फिर जुड़ गया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड वाला स्टीम फेरी क्वीन इंजन

ब्रिटिश कंपनी किट-सन ने 1855 में फेरी क्वीन को बनाया था। ब्रिटिश कंपनी किट-सन ने 1855 में फेरी क्वीन को बनाया था।
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ब्रिटिश कंपनी किट-सन ने 1855 में फेरी क्वीन को बनाया था।ब्रिटिश कंपनी किट-सन ने 1855 में फेरी क्वीन को बनाया था।

  • पर्यटकों की शाही रेल से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा करने की मांग पर 30 साल बाद पहल
  • दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर सीटी बजने के साथ चालू होगा फेरी क्वीन इंजन

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 12:37 AM IST

जयपुर. दिल्ली से रवाना होकर प्रदेश के कई शहरों में शाही यात्रा कराने वाली पैलेस ऑन व्हील्स में सबसे पुराने और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल स्टीम इंजन ‘फेरी क्वीन’ को जोड़ा गया है। विदेशी पर्यटकों की शाही रेल से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा करने की मांग पर 30 साल बाद यह पहल हुई है। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर सीटी बजने के साथ इंजन चालू होगा दो घंटे तक ‘छुक-छुक’ आवाज से रोमांचित करेगा। 

रेल के सीजीएम प्रदीप बोहरा के मुताबिक राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ‘स्पेशल रिक्वेस्ट’ को रेलवे ने मंजूरी दी है। इसके बाद बुधवार को बतौर डेमो पुरानी यादों के ‘फीलगुड’ के लिए इंजन लगाया गया। ब्रिटिश कंपनी किट-सन ने 1855 में फेरी क्वीन को बनाया था। लंबी यात्रा के बाद रेल्वे ने इसे 1927 में बंद कर रेलवे के रेवाड़ी म्यूजियम में रख दिया। कुछ साल पहले इसको दिल्ली से अलवर के बीच चलाया भी गया, लेकिन पुराना होने के चलते परेशानियां जान फिर बंद कर दिया।

1982 से 1989 में यह पैलेस ऑन व्हील्स की पहचान भी बना था। ब्रिटिश टूरिस्ट शाही सफर पसंद करते हैं। अभी कुल यात्रियों में 55 प्रतिशत वे ही हैं। रेल में शुरुआती सफर करने वाले ब्रिटिशर्स ने अपने बच्चों को स्टीम इंजन की यादें बताईं। वे आए तो डीजल इंजन की सवारी की। उनकी भावनाओं को देखते हुए हमने रेलवे बोर्ड के सामने मांग की थी। रेलवे बोर्ड के हेरिटेज डिपार्टमेंट ने दो साल पहले हर टूर की शुरुआत में 20 किमी. स्टीम इंजन जोड़ा था। ‘आजाद’ इंजन मेंटिनेंस के चलते सफल नहीं हो पाया।

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