--Advertisement--

इलेक्शन एनालिसिस / हमेशा सत्ता से दूर रहती हैं ये 5 सीटें, लहर से ठीक विपरीत



Rajasthan assembly election 2018 : Analysis about kota assembly seats
X
Rajasthan assembly election 2018 : Analysis about kota assembly seats
  • पिछले 4 विधानसभा चुनाव से ये सीटें हमेशा विपक्ष में बैठ रही हैं.... 
     

Dainik Bhaskar

Oct 19, 2018, 02:57 PM IST

कोटा। यहां के मतदाता का मिजाज पूरे राज्य से अलग है। चाहे किसी भी तरह की लहर हो, वोटरों पर रत्तीभर भी असर नहीं होता। बात कर रहे हैं राजस्थान की उन 5 विधानसभा सीटों की, जहां के लोगों ने बीते 20 साल से "सत्तासुख' ही नहीं देखा।

यह रही वजह

  1. वजह यह रही कि 1998 से अब तक इनका चुना हुआ विधायक हमेशा उसी पार्टी का रहा, जो सत्ता में नहीं रही। और तो और पिछले चुनाव में मोदी लहर के बावजूद यहां के परिणाम पूरे राज्य से उलट रहे। इनमें से 3 सीटों पर कांग्रेस और 2 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी के विधायक चुने गए। इनमें धौलपुर जिले की धौलपुर व बाड़ी, जयपुर जिले की कोटपूतली, अलवर की बानसूर व चुरु जिले की सादुलपुर सीट शामिल है।

  2. सत्ता में भागीदारी नहीं होने से कमोबेश ये क्षेत्र विकास से भी वंचित रहे। विधायक कोष से ज्यादा इन्हें कुछ नहीं मिल पाया। भास्कर ने इस रोचक तथ्य को जानने के लिए 1998, 2003, 2008 व 2013 में हुए राजस्थान के विधानसभा चुनाव की 200 सीटों का विश्लेषण किया, तब पता चला कि प्रदेश की ये 5 सीटें हमेशा सत्ता के खिलाफ रही। 

  3. दो दशक से विपक्ष में बैठने वाली सीटें 

    • सादुलपुर : इस सीट से 1998 में हुए चुनाव में भाजपा के राम सिंह, 2003 में कांग्रेस के नंदलाल पूनिया, 2008 में भाजपा की कमला कस्वां, 2013 में बसपा के मनोज न्यांगली चुनाव जीते। 
    • कोटपूतली : यहां से 1998 में भाजपा के रघुवीर सिंह, 2003 में निर्दलीय सुभाष चंद्रा, 2008 में लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के रामस्वरूप कसाना, 2013 में कांग्रेस के राजेंद्र यादव चुने गए। 
       

    • बानसूर : इस सीट से 1998 में बसपा के जगत सिंह दायमा, 2003 में कांग्रेस के महीपाल सिंह यादव, 2008 में भाजपा के रोहिताश कुमार व 2013 में कांग्रेस की शकुंलता रावत चुनाव जीती। 
    • बाड़ी : यहां से 1998 में भाजपा के जसवंत सिंह, 2003 में कांग्रेस के दलजीत सिंह, 2008 में बसपा के गिर्राज सिंह और 2013 में कांग्रेस के टिकट पर गिर्राज सिंह चुनाव जीते। 
       

    • धौलपुर : इसी सीट पर 1998 में भाजपा के शिवराम, 2003 में कांग्रेस के बनवारीलाल, 2008 में भाजपा के अब्दुल सगीर खान व 2013 में बसपा से बीएल कुशवाह चुनाव जीते। हालांकि 2017 में हुए उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शोभारानी जीत गई। 
       

  4. कब किस पार्टी की सरकार 

    1998 : कांग्रेस के 153 सीटें। गहलोत सीएम बने 
    2003 : भाजपा को 120 सीटें। वसुंधरा सीएम। 
    2008 : कांग्रेस को 96 सीटें। गहलोत सीएम बने 
    2013 : भाजपा की 163 सीटें। वसुंधरा सीएम बनीं 

  5. हाड़ौती की इस सीट का मिजाज अलग 

    हिंडोली में 3 चुनाव से विपक्ष का ही विधायक जीत रहा है। 2013 में मोदी लहर में हाड़ौती की 17 में से 16 सीटें भाजपा को गई, यहां कांग्रेस के अशोक चांदना जीते। 2008 में कांग्रेस की सरकार बनी तो भाजपा के प्रभुलाल सैनी चुने गए। 2003 में सरकार भाजपा की बनी। विधायक कांग्रेस के हरिमोहन शर्मा बने। 

     

    स्टोरी : आशीष जैन 

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..